रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर जोरदार धमाकों से एक ही झटके में 21 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। अंतरराष्ट्रीय तनाव इतने बढ़ गए हैं कि एक समय पर जो रूस-यूक्रेन वॉर शांत था उसने अब फिर से अपनी लड़ाई की सीमा पार कर दी है। कल यानि 2 जुलाई को ही रूस ने यूक्रेन की कैपिटल सिटी कीव पर जोरदार बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन की बारिश की थी।
कल के हमले में 11 लोगों ने जान से अपने हाथ धो बैठे जिसमें रूस ने पूरी रात कीव पर हमला करके एक रिहायशी इलाके वाली 9 मंजिला बिल्डिंग को मिनटों में ध्वस्त कर दिया। कीव में किये गए इस हमले ने शहर के कई महत्वपूर्ण और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया। इसी के साथ एम्बुलेंस स्टेशन पर भी जोरदार बमबारी कर वहां रह रहे पैरामेडिक को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
कल के हमले के बाद पसोडी देशों में भी डर का माहौल बना हुआ है, रिपोर्ट्स में बताया जा रहा था कि पड़ोसी देश पोलैंड ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। पोलैंड की सेना ने सीमा के पास एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं और अपनी वायुसेना के फाइटर जेट्स को भी हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया है।
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क्या है पूरा मामला?
रूस-यूक्रेन की लड़ाई एक बार फिर से खतरनाक मोड़ ले रही है। पिछले 11 घंटों से लगातार रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला करते दिख रही है। रूस निरंतर यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोन से है हमला कर रही है जिसमें अभी तक 21 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 90 से ज्यादा लोग घायल अवस्था में है।
रूस ने इस हमले में ज्यादातर रिहायशी इलाके, स्कूल और अस्पतालों को टारगेट कर नुकसान पहुंचाया है। मॉस्को का कहना है कि उसने यह बमबारी रूसी तेल ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों के जवाब में की है। कीव की रिपोर्ट के अनुसार हवाई चेतावनी जारी होने के बाद 50,000 से ज्यादा लोगों ने बचाव के लिए सबवे स्टेशनों में अपना ठिकाना ढूंढा। इस पूरे हमले से यूक्रेन के शहर पूरी तरह से परेशान है, बड़े ड्रोन अटैक के कारण कुछ बिल्डिंग जल कर बिखर गईं है तो कोई टूट कर।
हमले का क्या कारण था ?
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रूस ने अपने हमले के बयान में कहा कि शुरुआत यूक्रेन ने बमबारी करके की जिसके कारण रूसी सेना ने पलटवार किया है। दरअसल कुछ दिन पहले यूक्रेन ने रुसी तेल ठिकानों पर जोरदार ड्रोनों की वर्षा की थी जिसके कारण रूस को भारी नुकसान देखने को मिला था। इसी कारणवश रूस के राष्ट्रपति पुतिन पर भारी दबाव पड़ा था।
रूस के भीतर यूक्रेन के लगातार हमलों ने खास तौर पर तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। ईंधन संकट ने रूसी लोगों के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है, जो पहले से ही युद्ध के आर्थिक बोझ का सामना कर रहे हैं। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने इस हमले में 500 से अधिक ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागी है।
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जेलेंस्की ने दुनिया से की अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूस लगातार नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। उन्होंने पश्चिमी देशों से यूक्रेन को और अधिक एयर डिफेंस सिस्टम तथा सैन्य सहायता देने की अपील की ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके।