पुरी में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभ आरंभ कल यानि 16 जुलाई , गुरुवार के दिन सभी विधि-विधान को संपन्न कर हुआ था। जगन्नाथ भगवन के दर्शन करने पुरी में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल जब भी जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू होती है तब भारी सुरक्षा प्रबंध किये जाते है। लेकिन बड़ी पुलिस फोर्स और सुरक्षा प्रभंद के लिए की गयी गतिविधियों के बाद भी हर साल कई लोगों की जानें चली जाती है, तो कुछ अपाहिज हो जाते हैं और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते है।
इस वर्ष भी जगन्नाथ यात्रा के पहले दिन ही दर्शन करने आये 1 श्रद्धालु की जान चली गयी वहीं अत्यधिक भीड़ होने के कारण 200 से अधिक लोग बुरी तरह से घायल हो गए। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा ने शुरू होते ही एक दुखद मोड़ ले लिया। बताया जा रहा है कि पहले दिन ही करीब 10 लाख श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने पहुंचे थे उसी वक़्त भगदड़ मच गयी जिसमे एक की मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा ?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया और कई लोग संतुलन खोकर गिर पड़े। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई। आपातकालीन बचाव दल और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई लोगों को स्ट्रेचर पर निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
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यह घटना जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार और ग्रैंड रोड (बड़ा दंडा) के आसपास हुई, जब लाखों श्रद्धालु रथों को देखने और पाहंडी जुलूस में शामिल होने के लिए उमड़े थे। भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने की प्रक्रिया दोपहर 2:00 बजे शुरू हुई थी सबसे पहले भगवान सुदर्शन चक्र को लाया गया, उसके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और आखिर में भगवान जगन्नाथ।
पुरी के गजपति महाराजा दिब्यसिंह देव द्वारा छेरा पहनरा का अनुष्ठान पूरा होने के बाद भक्तों ने रथों को गुंडिचा मंदिर की ओर खींचना शुरू किया। इसी दौरान सिंहद्वार के पास भीड़ अचानक बढ़ गई। कई श्रद्धालुओं को घुटन महसूस हुई, कुछ बेहोश हो गए। दर्शन करने आये श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने लगभग 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए और चार से पांच को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने लगभग 20 लोगों को बचाया और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, और अब उन्हें पता चला है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई है।
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प्रशासन और सरकार ने क्या कहा?
पुरी जिला प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने अस्पतालों में अतिरिक्त डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह भी देखा जा रहा है कि भीड़ प्रबंधन में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई है। हर वर्ष भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को खींचने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त उमड़ते हैं। इसी वजह से प्रशासन हर साल विशेष सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था करता है।
पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, सुरक्षा दलों में और लोग जोड़े गए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए इंतजाम बढ़ाये जा रहे हैं ताकि आगे किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।