ट्रंप ने शी जिनपिंग और चीन को दी बधाई, जन्मजात नागरिकता पर फैसले के बाद कसा तंज

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के बर्थ राइट ख़त्म करने वाले आदेश को ख़ारिज किया जिस पर ट्रम्प ने चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग को व्यंग्य में बधाई दी है । कोर्ट ने कहा अमेरिका में जन्मे हर बच्चे को नागरिकता मिलेगी।

Shakshi Chauhan

1 जुलाई 2026

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ट्रंप ने शी जिनपिंग और चीन को दी बधाई, जन्मजात नागरिकता पर फैसले के बाद कसा तंज

डोनाल्ड ट्रम्प का चीन पर तंज राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई, बर्थराइट सिटीजनशिप पर बड़ी जीत। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा, जब अदालत ने उनके बर्थराइट सिटीजनशिप ( जन्म आधारित नागरिकता) ख़त्म करने वाले कार्य कारी आदेश को ख़ारिज कर दिया। इसके जब ने डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट कर हुए कहा की “मैं राष्ट्रपति शि जिनपिंग और महान देश चाइना को उनके बर्थराइट सिटीजनशिप की जबरदस्त जीत पर बधाई देना चलूँगा”।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि 14वे संशोधन के तहत ट्रम्प के पिछले कार्यकारी आदेश को अमान करार दिया। जो अवैध रूप से या अस्थायी दर्जे पर अमेरिका में रह रहे माता पिता के बच्चों को जन्म आधारित नागरिक समाप्त करने की कोशिश कर रहा था। अदालत ने साफ़ किया है की अमेरिका में अवैध या अस्थाई रूप से मौजूद माता पिता से जन्म बच्चे भी 14वे संशोधन के नागरिक खंड के तहत जन्म से ही अमेरिका नागरिक माने जाएँगे।

प्रशासन और कुछ रूढ़िवादी नेताओं को लंबे समय से तर्क रहा है की कुछ चीन नागरिक तथा कथित बर्थ ट्रिज़्म का सहारा लाइट हैं- यानी जानबूझ कर अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के लिए यात करना ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके, इसी वजह से ट्रम्प ने फैसलों को चाइना की जीत बताते हुए तंज कसा।

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फैसलों के बाद ट्रम्प ने कांग्रेस से कानून बनाने की अपील भी की। उन्होंने लिखा की सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है लेकिन हम इसे कांग्रेस के ज़रिए कानून बनाकर आसानी से ठीक कर सकते हैं और कहा की इसके लिए किसी लंबे संवैधानिक संशोधन की ज़रूरत नहीं है।

इस बीच न्याय विभाग ने भी तुरंत कार्यवाही करते हुए सभी अमेरिका को निर्देश जारी किया की वे बर्थ टूरिज्म स्कीम से जुड़े मामलों की जांच और मुकदमे चलाने को प्राथमिकता दे क्योंकि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताए गया है।

सुप्रीम कोर्ट की यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया। जिसमें कुछ रूढ़िवादी न्याय धीशों ने भी उदार पक्ष के साथ मतदान किया। हालांकि कोर्ट में बहस के दौरान असहमति जताने वाले न्याय धीशों ने चेतावनी दी है की यह व्यवस्था राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। दूसरी ओर आलोचकों और आवर्जन अधिकार संगठनों ने इस फैसलों को अमेरिका संविधान की रक्षा बताते हुए स्वागत किया, यह कहते हुए की धरती पर जन्मे हर व्यक्ति नागरिकता का अधिकार है।

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विशेषज्ञों को मानना है की ट्रम्प के लिए कांग्रेस के ज़रिए इस फैसलों को पलटना आसान नहीं होगा क्योंकि इसके लिए सीनेट मैं 60 वोट या संवैधानिक संशोधन के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत पड़ेगी जो मौजूदा राजनीतिक हालात में लगभग असंभव माना जा रहा है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way