जयपुर की महिला की गिरफ्तारी की पूरी कहानी, देर रात चैट, वीडियो कॉल और पाकिस्तान जाने की थी तैयारी

Shakshi Chauhan

3 जुलाई 2026

राजस्थान एंटी टेरेरिज़म स्क्वाड (ATS) ने जयपुर के वाटिका इलाके से बबीता धाकड़ नाम की महिला को गिरफ़्तार किया। जो बताया जा रहा है की वह आतंकी संगठन जैश- ए- मोहम्मद की स्लीपर सेल की सदस्य बतायी जा रही है। 37 वर्षीय बबीता धाकड़ सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है और अपने रिटायर्ड पिता के साथ जयपुर के वाटिका इलाक़े में रह रही थी। उसे सैन्य खुफिया विभाग से मिली जानकारी के आधार पर 22 June 2026 को गिरफ़्तार किया गया और ग़ैर क़ानूनी गतिविधियों अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

खदीजा के नाम से ऑनलाइन पहचान

जांच में सामने आया की बबीता करीब दो साल से ऑपरेटिव्स के संपर्क में थी और उसे खदीजा नाम से ऑनलाइन पहचान बनाकर सोशल मीडिया के ज़रिए भारतीय सेना के जवानों से संपर्क साधने के लिए हनी ट्रैप रणनीति की ट्रेनिंग दी गई थी। मोबाइल फ़ोन की जांच में एक अकाउंट मिला जिसका नाम दुनिया धोखे बाज था इसमें 300 से ज़्यादा विदेशी संपर्क थे जिनमें कई पाकिस्तान के लोग भी थे।

पाकिस्तान भागने की योजना और अन्य खुलासा

जांच एजेंसी दावा है की कुछ महीनों से बबीता को भारत में कई काम में मदद के लिए तैयार किया जा रहा था, और विदेशी हैंडलर्स ने उसे विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग देने और अवैध प्रवासन मार्गो (डंकी रूट) से पाकिस्तान भेजने की योजना पर चर्चा की थी। दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक हैंडलर्स ने नेपाल, सऊदी अरब जैसे रास्ते से उसे पाकिस्तान भेजने की योजना बनायी थी। जांच में यह भी सामने आया की बबीता ने इंटरनेट पर ख़ुद को मारने के लिए हमलों से जुड़े जानकारी खोजी थी और उसे होने वाले हमले के लिए तय किए जाने का शक है।

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Jem महिला का बड़ा विंग और बड़ा नेटवर्क।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला Jem की महिलाओं को निशाना बनाने की नीति से जुड़ा है। एजेंसियों के मुताबिक़ इसका संबंध यूसुफ अज़हर गोरी से जुड़े लोगों से मिला, जो 1999 के IC -814 विमान अपहरण आरोपी था। और मई 2025 मैं ऑपरेशन सिन्दूर में मारा गया था। Jem प्रमुख मसूद अज़हर की बहन सादिया अज़हर के नेतृत्व में जमात उल मोमिनात नाम महिला विंग बनाया गया है, जो महिलाओं और युवतियों को स्लीपर सेल के तौर पर भर्ती करता है।

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पूछताछ और आगे की कार्रवाही

सात दिन की ATS रिमांड पूरी होने के बाद बबीता को जब की अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में यह भी पता चला की वह कई मोबाइल नंबर इस्तेमाल करती थी और सबकुछ छिपाने के लिए बार बार फोटो, वीडियो डिलीट करती रहती थी। जिन्हें टीम अब इकट्ठा करने में जुटी हुई है। अधिकारियों ने साफ़ किया की यह सभी आरोप अभी जांच के हिस्सा है और कोर्ट में साबित होने अभी भी बाक़ी है।