मानसून भारत में प्रवेश कर चुका है। अक्सर मानसून के बादल जब जमीन को भिगोते है तो अक्सर लोगों को राहत मिलती है लेकिन राहत के बीच मानसून कई बिमारियों को आवेदन देता है। इनमें डेंगू सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। हर साल डेंगू के कारण लाखों लोगों की जाने जाती है लेकिन सही समय पर इसकी जांच बचा भी सकती है।
अब मानसून और बारिश के आते ही डेंगू मच्छर की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ती नजर आएगी। हर साल मानसून में ही लाखों डेंगू मच्छर पैदा होकर अपनी आबादी बढ़ाते है जो विशेष तौर पर ऐसी जगह को अपना घर बनाते है जहाँ पानी भरा होता है।
कहां पैदा होता है डेंगू मच्छर?
दरअसल डेंगू मच्छर का नाम एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) के नाम से जाना जाता है। जो मच्छर इंसानी शरीर में काटती है वह मादा होती है। यह मच्छर तब संक्रमित होता है, जब वह पहले से डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटता है। इसके बाद यही मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है। यह मच्छर साफ और रुके हुए पानी में अंडे देता है। इसलिए बारिश के मौसम में इनकी संख्या तेजी से बढ़ जाती है।
इन जगहों पर सबसे ज्यादा पनपते हैं
- कूलर में जमा पानी
- गमलों की प्लेट में भरा पानी
- बाल्टी, ड्रम और टंकी
- पुराने टायर
- नारियल के खोल
- टूटी बोतलें और डिब्बे
- छत पर जमा बारिश का पानी
- फ्रिज की ड्रेन ट्रे
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यह डेंगू मच्छर आम मच्छरों के समय पर नहीं काटते बल्कि इनका समय बिल्कुल आम मच्छरों से विपरीत होता है सुबह 8 से 10 बजे के बीच और शाम 4 से 6 बजे के बीच यह मच्छर ज्यादातर एक्टिव होते हैं। डेंगू हो या कोई मामूली मच्छर दोनों ही पैर यानि घुटनो से नीचे वाली जगह को ज्यादातर निशाना बनाते हैं। डेंगू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलता। यह केवल संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है।
शुरुआत में डेंगू के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डेंगू के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए। आइए जानते हैं डेंगू के प्रमुख लक्षण, बचाव के उपाय और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
डेंगू के ये 15 लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं सतर्क
- 102–104°F तक तेज बुखार
- लगातार तेज सिरदर्द
- आंखों के पीछे दर्द होना
- शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक कमजोरी और थकान
- मतली या बार-बार उल्टी
- भूख कम लगना
- त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes)
- पेट में तेज दर्द
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- पेशाब या मल में खून आना
- सांस लेने में परेशानी
- प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटना
- चक्कर आना, बेचैनी या बेहोशी महसूस होना
डेंगू के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि तेज बुखार के साथ बार-बार उल्टी हो रही हो, पेट में लगातार या तेज दर्द महसूस हो, सांस लेने में तकलीफ हो, नाक या मसूड़ों से खून आने लगे, पेशाब या मल में खून दिखाई दे, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, या शरीर पर लाल चकत्तों के साथ प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रहे हों, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।