ओमान के पास जहाज पर हमला, 11 भारतीयों में 10 सुरक्षित; एक अब भी लापता, भारत ने की निंदा

Palak Gupta

13 जुलाई 2026

अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ओमान के तट के नजदीक एक व्यापारिक जहाज “GFS गैलेक्सी” पर भारी बमबारी की गयी है। हमले के बाद भारत सरकार ने निरंतर हमलों से हो रही परेशानी को लेकर गहरी निंदा जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान दिया कि हाल ही में ओमान के तट पर ईरान ने भारी धमाका कर जहाज में प्रस्तुत 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को बुरी तरह से चोट लगी है जिसमें से 1 अभी भी गुमशुदा है।

भारत ने इस हमले को लेकर पुष्टि करते हुए कहा कि लापता भारतीय की तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार उन्होंने संपर्क बनाए रखा गया है। हमले के बाद जहाज के संचालक को नुकसान पहुंचने की कोशिश की गयी है। ओमान के अधिकारियों ने इस बचाव और तलाश अभियान में भारत का साथ देने का वादा किया है जिसके लिए भारत ने ओमानी अधिकारीयों का धन्यवाद किया है।

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आक्रोश से भरे ईरान को भारत ने चेतावनी दी की ऐसे व्यापारिक और नागरिक जहाजों पर हमला करने से भारत के बुनियादी ढांचे को ठेस पहुंचने की कोशिश की गयी है। भारत ने ईरान को यह साफ़ शब्दों में चेतावनी दी कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही भारत ने मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनावों को विराम देने की अपील भी की।

होर्मुज जलडमरूमध्य

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भारत ने कहा कि हमलों के बदले बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश ईरान को करनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल होनी चाहिए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी बयान दिया कि इस तरह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर किये जाने वाले हमले न केवल नाविकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार को और कमजोर बना देते हैं।

इसके अलावा कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष पश्चिम एशिया और अरब सागर के कुछ हिस्सों पर हाल ही के महीनों में सुरक्षा चुनौती और भी बढ़ गयी है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया में सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है, इसी मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और अन्य ज़रूरी सामान दुनिया के कोने तक पहुँचता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के कारण समुद्री व्यापार में बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

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कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय में पश्चिम एशिया लगातार बढ़ रहे तनाव की वजह से समुद्री सुरक्षा पहले से अधिक संवेदनशील हो गई है। वहीं अगर यह द्वेष लंबे समय तक चला गया तो इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होगा और कई देशों में जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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