अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले, बुशहर-चाबहार समेत कई शहर निशाने पर; ट्रंप बोले- हर हमले का 20 गुना जवाब देंगे

अमेरिका द्वारा ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया है। बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।

Palak Gupta

9 जुलाई 2026

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अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले, बुशहर-चाबहार समेत कई शहर निशाने पर; ट्रंप बोले- हर हमले का 20 गुना जवाब देंगे

अमेरिका ने एक बार फिर से पूरे ईरान के शहरों में दहशत का माहौल खड़ा कर दिया है। होर्मुज जैसे सेंसिटिव और विश्व के सबसे जरूरी इलाके पर ईरान ने क़तर और सऊदी के जहाजों पर जोरदार हमलों को देख कर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीज़फायर तोड़ने का फैसला कर ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया।

लगातार हमलों के बीच अमरीका ने ईरान के साथ हुए तेल बिक्री का लाइसेंस भी रद्द कर यह एलान किया कि 17 जुलाई तक अभी तक जितने तेल ट्रांसपोर्ट किये गए है उसके लेन-देन को समेट लें। वहीं अमेरिका के इस एलान को लेकर ईरान के मंत्रालय ने कड़ी निंदा करते हुए इसे समझौते का उल्लंघन बताया है। 

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इन्हीं मतभेद के बीच आज अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर जोरदार हमले किये है। इन्हीं ताबड़तोड़ हमलों के कारण ईरान की धरती कांप उठी है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने अभी तक ईरान के कुल 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। भयंकर बमबारी के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का अमेरिकी सेना ने दावा किया।

ईरान के रणनीतिक रूप से अहम चाबहार और कोनारक इलाके में 10 जोरदार धमाकों से धरती कांप उठी। हमले इतने जोरदार किए गए की ईरान के पूरे चाबहार शहर में ब्लैकआउट हो गया जिसके कारण लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

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अमेरिका ने बुशहर बंदरगाह को बनाया निशाना

अमेरिका ने अपनी मिसाइलों के माध्यम से सबसे पहले बुशहर बंदरगाह को निशाना बनाया। ईरान का सबसे प्रमुख बंदरगाह में से एक बुशहर माना जाता है। इस हमले ने ईरान की आर्थिक और सैन्य के साथ रणनीतिक ठिकानों पर सीधा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि बुशहर फारस की खाड़ी के तट पर स्थित ईरान का एक प्रमुख व्यापारिक और बेहद संवेदनशील सैन्य इलाका है। यह जगह इसलिए सबसे ज्यादा अहम है क्योंकि यहीं पर ईरान का सबसे महत्वपूर्ण बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है।

अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले का साफ मतलब ईरान के बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं के पास पहुंचकर उसे मिनटों में ध्वस्त करने का प्लान है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेस ने कहा कि अगर ईरान जहाजों पर हमला करना बंद कर देता तो ईरान की नाकाबंदी को अमेरिका हटा देता लेकिन ईरान को तो कुछ और ही मंजूर था।

अमेरिका ने कहा कि अगर ऐसे ही जहाजों पर हमला किया जायेगा तो यह पीस डील को तोड़कर पलटवार करना आवश्यक हो जायेगा और यह पलटवार बहुत जबरदस्त होगा। ईरान के हमलों को देख अमेरिका अब यही कर रहा है।

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ईरानी मीडिया ने भी किया हमलों का दावा

ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदर अब्बास में 8 खौफनाक धमाकों की आवाजें सुनी गई। इस हमले से घबराकर ईरान ने एयर डिफेन्स सिस्टम को मजबूत किया लेकिन अमेरिकी हमलों के आगे सब नाकाम साबित हुआ। ईरानी टीवी के अनुसार, देश के दक्षिण में स्थित अबू मूसा द्वीप में दो भीषण धमाकों की गूंज सुनी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह टकराव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का समुद्री तेल व्यापार गुजरता है। ऐसे में यदि संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति, शिपिंग उद्योग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.