मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव सभी अन्य देशों के लिए धीरे-धीरे कर चिंता का विषय बनती जा रही है। ईरान के जहाजों पर हमला करने के कारण अमेरिका ने अपना आक्रोश जताना शुरू कर दिया है। अमेरिका ने जोरदार बमबारी की शुरुआत ईरान के सैन्य ठिकानों और दक्षिणी ईरान के इलाकों से की। इसके बाद ईरान के सैन्य ठिकानों और राजनैतिक स्थलों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने अब हमले का नया दौर शुरू कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील इलाके पर तीन जहाजों को ग्रस्त करने की सजा पूरा ईरान शहर अभी भुगत रहा है। पिछले तीन दिन से अमेरिका रोज ईरान के नए शहरों पर निशाना दागता है जिसके कारण ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। आज अमेरिका ने ईरान के कोनारक की नौसेना पर जमकर बमबारी कर दी है।
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आखिर क्यों सुलगा है अमेरिका?
अमेरिका-ईरान के बीच हुई पीस डील पर पिछले दिनों से ही टूटने की आशंका जताई जा रही थी वहीं स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर ईरान ने तीन कमर्शियल जहाजों पर जबरदस्त बमबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआती दौर में ईरान ने क़तर के जहाज को निशाना बनाया इसके बाद ईरान ने ओमान के तट के पास से गुज़र रहे सऊदी अरब के सुपरटैंकर पर ड्रोन से हमले किए।
ईरान के हमले को देखकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने साफ़ बयान दिया कि इस समझौते के बाद भी हमला करना युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है। अमेरिका ने कहा कि अगर ऐसे ही जहाजों पर हमला किया जायेगा तो यह पीस डील को तोड़कर पलटवार करना आवश्यक हो जाएगा और यह पलटवार बहुत जबरदस्त होगा। ईरान के हमलों को देख अमेरिका अब यही कर रहा है।
पीस डील का साफ़ उल्लंघन करने के कारण आज अमेरिका हर दिन ईरान के नए शहरों पर निशाना साधे खड़ा है। यहां तक ही नहीं बल्कि ईरान को आदेश दिया गया है कि 17 जुलाई तक अभी तक किये गए तेल व्यापार के लेन-देन को समेट ले क्योंकि आगे आने वाले दिनों में ईरान से तेल बिक्री लाइसेंस को छीन लिया जायेगा।
अमेरिका सेंट्रल कमांड ने दिया हमले का दावा
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के जनाज़े और दफ़नाने के अंतिम कार्यक्रम के बीच अमेरिका ने ईरान पर परमाणु केंद्र से लेकर चीन और रूस से जोड़ने वाले रेलवे कॉरिडोर पर हमले किए। हाल ही में अमेरिका सेंट्रल कमांड ने बताया कि बीती दो रातें ईरानी सेना के लिए बहुत डरावनी रही है। अमेरिका ने बताया कि अमरीकी सैन्य बलों ने ईरान के 170 ठिकानों पर बमबारी कर दी है इसी का जवाब देते हुए ईरान ने खाड़ी देश जैसे कतर, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमरीकी सैन्य दलों को निशाना बनाया।
गुरुवार सुबह अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका ने 8 जुलाई को ईरान पर एक और चरण के हमले पूरे किए। बयान के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करना था। इन हमलों में वायु रक्षा, मिसाइल और ड्रोन रखने वाली जगहों समेत अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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ईरानी मीडिया ने भी दी हमलों की जानकारी
ईरानी मीडिया एजेंसी भी अमेरिका के हर हमले पर अपनी नजर बनाए है, हाल ही में ईरानी मीडिया ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से हमले होने की पुष्टि की। एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के शहर बंदर अब्बास, बुशहर और चोगादक में भी कई धमाके हुए हैं जिनकी आवाज़ मीलों दूर तक सुनाई दी गयी। वहीं दूसरी ओर बुशहर प्रांत के आसपास भी धमाकों की आवाज सुनी गई है। अमेरिका के इस हमले में कुल 14 लोगों की मौत हो गयी और 78 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
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डोनाल्ड ट्रंप ने की इजराइल नेता से बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली नेता बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर वार्ता कर मौजूदा सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बातचीत के तहत डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की ओर से होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि तेहरान के साथ हुआ इस्लामाबाद एमओयू अब पूर्ण रूप से समाप्त हो गया है।