WhatsApp के बाद Telegram और Signal पर सरकार सख्त, यूजरनेम फीचर हटाने को लेकर भेजा नोटिस

WhatsApp के बाद अब Telegram और Signal भी सरकार की जांच के दायरे में हैं। केंद्र ने Username फीचर को लेकर दोनों प्लेटफॉर्म से सुरक्षा उपायों और फर्जी पहचान रोकने की व्यवस्था पर जवाब मांगा है।

Palak Gupta

3 जुलाई 2026

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WhatsApp के बाद Telegram और Signal पर सरकार सख्त, यूजरनेम फीचर हटाने को लेकर भेजा नोटिस

WhatsApp के नए username वाले फीचर ने सभी मैसेजिंग एप्लिकेशन के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने WhatsApp के बाद अब टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस जारी कर दिया है। केंद्र सरकार ने WhatsApp के बाद अब टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एप्लिकेशन्स पर भी प्राइवेसी से जुड़े कई सवाल उठाए।

भारत सरकार ने META से WhatsApp के यूज़रनेम वाले फीचर के मामले में नोटिस जारी करते हुए प्राइवेसी पर कई सवाल उठाये और अब टेलीग्राम और सिग्नल भी इन सवालों की लपेट में आ गए हैं। इन दोनों ऐप्स पर भी सरकार ने यूजरनेम वाले मौजूदा फीचर्स को लेकर ही गंभीर सवाल किए।

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क्यों जारी किया टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस ?

केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल दोनों को नोटिस इस कारण भेजा क्योंकि दोनों में यूजरनेम की सुविधा उपलब्ध है। इसी फीचर की वजह से नोटिस जारी करते हुए सरकार ने साफ-साफ शब्दों में पूछा कि वह ऑनलाइन या साइबर क्राइम से जुड़े अपराध जैसे फ़िशिं, आइडेंटिटी थेफ्ट, साइबर स्टॉकिंग और अन्य धोखाधड़ी से कैसे बढ़ती चिंताओं का निवारण कर सकते है।

कई रिपोर्ट्स ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सीधा सवाल पूछा है कि प्लेटफॉर्म को यूजरनेम वाले फीचर को जारी रखने की इजाजत क्यों सरकार दे। सरकार ने इसका टेलीग्राम से स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि इस नोटिस का जवाब अभी टेलीग्राम और सिग्नल को देना बाकी है।

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क्या है WhatsApp यूजरनेम का मामला ?

WhatsApp ने 30 जून को X पर पोस्ट करते हुए सभी को यह जानकारी दी थी कि जल्द ही यूजर्स को यूजरनेम वाला नया फीचर देखने को मिलेगा। यूज़र्स की सेफ्टी और प्राइवेसी की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है कि साल के अंत तक सभी यूजर्स को WhatsApp का यह यूजरनेम वाला फीचर देखने को मिलेगा।

इसी फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने काफी सवाल उठाए। भारत सरकार ने बुधवार को नोटिस जारी करते हुए अपने सवाल उत्पन्न किये और निर्देश दिया कि बिना किसी सरकारी रिसर्च के और एक्सपर्ट्स के परामर्श के भारत में यह फीचर लागू नहीं किया जाएगा। META से सवालों का स्पष्टीकरण करने के लिए कहा गया।

सरकार ने META को बताया कि भारत सरकार को यह आशंका है कि WhatsApp के इस फीचर से साइबर क्रिमिनल्स लोगों की आइडेंटिटी चुराकर आसानी से किसी को भी फंसा सकते है। इसे न केवल पीड़ित की बदली यूजर की भी इमेज और प्राइवेसी दोनों पर ही बुरा असर होगा। WhatsApp के इस फीचर से धोखाधड़ी की संभावनाएं दुगनी हो सकती है।

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WhatsApp ने नोटिस का क्या जवाब दिया ?

भारत सरकार ने WhatsApp को इस नोटिस का उत्तर देने का 3 दिन का समय दिया था जिसमे जवाब में WhatsApp कंपनी ने कहा कि उनके मुताबिक, फर्जी पहचान रोकने के लिए सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, सेलिब्रिटीज और Meta के वेरिफाइड अकाउंट्स से जुड़े यूजरनेम पहले से रिजर्व रखे हैं। इनके जैसे दिखने वाले कई अन्य नाम भी रिजर्व किए गए हैं।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.