RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक बेलगावी में शुरू, जनगणना समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

Shakshi Chauhan

11 जुलाई 2026

बेलगावी में शुरू हुई RSS की तीन दिवसीय प्रांत प्रचारक बैठक जनगणना और शाखा विस्तार समेत कई अहम मुद्दों पर मंथन। यह बैठक तीन दिनों तक चलेगी और इसमें देशभर से संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा विभिन्न सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक में संगठन के वर्तमान कार्यों की समीक्षा करने के साथ आने वाले समय की रणनीति और कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है इनके अलावा सभी लोग बहुत ज्यादा वहां पर मौजूद होंगे और शामिल होंगे। संघ की संघटनात्मक व्यवस्था के अनुसार देश में अभी 11 क्षेत्र में और 46 प्रति के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं साथ ही संघ के प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी मौजूद है।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय संगठन के विस्तार को माना जा रहा है संघ देशभर में अपनी शाखों की संख्या और बढ़ाने की योजना कर रहे हैं उसके साथ ही वर्तमान में चल रही शाखों के कार्य उनकी गतिविधियों और संगठन की पहुंच को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी शाखों के माध्यम से समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है।

बैठक में 2026 के दौरान आयोजित प्रशिक्षण शिविरों की समीक्षा भी की जाएगी अप्रैल में और जून के महीने में देशभर में विभिन्न स्तरों पर यह कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन शिविरों की उपलब्धियां चुनौतियों और भविष्य में प्रशिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उपायों पर वरिष्ठ पदाधिकारी अपने विचार साझा करेंगे।

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संघ इस समय अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का भी आयोजन कर रहा है इस क्रम में बैठक में अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और विजयदशमी 2026 तक शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा वर्ष 2026 से 27 के लिए सरसंघचालक के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम तथा विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले आयोजनों की भी योजना तैयार की जाएगी।

बैठक में केवल संगठन आत्मक विशेषण पर ही नहीं बल्कि देश के समकालीन मुद्दों पर भी विचार विमर्श होगा। इनमें चल रही जनगणना प्रक्रिया एक प्रमुख विषय है विभिन्न राज्यों से आए प्रचारक अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा करेंगे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर भी चर्चा करेंगे। इन अनुभवों के आधार पर भविष्य में संगठन की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की रणनीतिक तैयारी की जाएगी।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की वार्षिक बैठ के संग के लिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इन्हीं बैठकों में संगठन की दिशा और भविष्य की प्राथमिकताएं तय की जाती है। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझाव दें और अनुभवों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर की कार्य योजना तैयारी की जाती है जिससे संगठन आत्मक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके।

बेलगावी में आयोजित यह तीन दिन दिवस से बैठक आगामी दिनों में संघ की रणनीति शाखा विस्तार से बताई जाएगी और सामाजिक गतिविधियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही जनगणना जैसी समकालीन विषयों पर शताब्दी वर्षों के कार्यक्रम पर दिए गए निर्णय पर भी देशभर की नजर बनी रहेगी।

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