राम मंदिर घोटाले की कार्रवाई में अब एक के बाद एक नए नाम और नई मछलियों की कहानी सामने आ रही है। अयोध्या के सभी वासी चोरी के घोटाले को लेकर आश्चर्यचकित है। राम मंदिर के चर्चे अब आए दिन नई खबर और कहानी का पहलू बन चुके है। वहीं एक और बयान सामने आया है। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्ट के पहले संचालक चम्पत राय द्वारा पत्र जारी करने के कारण पूरे मंदिर में खलबली मच गयी है।
चंपत राय के इस पत्र के कारण पूरे मंदिर के कारसेवकों व अधिकारियों के बीच मेल-बैठक बढ़ गयी है वही पदाधिकारी पत्र से हुए नुकसान के कारण भरपाई करने की राह पर जुड़ गए है। इसके अलावा राम मंदिर घोटाले और चोरी के मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के तहत अगला शिकंजा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को बनाने की आशंका है।
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क्या है राम मंदिर चोरी का मामला ?
राम मंदिर सिर्फ अयोध्या का एक प्रसिद्ध मंदिर ही नहीं बल्कि लोगों का विश्वास है कि उनके राम भगवान स्वयं मंदिर में विराजमान है लेकिन राम मंदिर के घोटाले को देख कर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी AI वीडियो को X पर पोस्ट कर बताया की राम जी चले गए है। दरअसल कुछ समय पहले राम मंदिर की एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें मंदिर के प्रांगण में प्रस्तुत दान किया गया चांदी का काकभुशुंडी गायब है जिसके बाद कई दिन तक यही किस्सा रहा जिसके बाद मंदिर के कारसेवकों ने काकभुशुंडी की सुरक्षा का विश्वास लोगों को दिलाया।
थोड़े ही दिन बाद घोटाले का मामला सामने आया जिसमें एक गैंग लोगों को VIP पास जो ट्रस्ट द्वारा मुफ्त में दिया जाता, लोगों को बेचकर लाखों रुपये ऐंठ रही थी। घोटाले के इस मामले ने इतनी तेज आग पकड़ी कि पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही मामले के तह तक पहुंचने की कोशिश की इसी के साथ साइबर एक्सपर्ट्स की भी इस केस में एंट्री कराई गयी।
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने साइबर एजेंसियों की सहायता इसलिए ली है क्योंकि यह मामला सभी अयोध्यावासियों और राम भक्तों के विश्वास को हानि पहुंचने का है इसके अलावा इस मामले ने पहले से अधिक गंभीरता पकड़ ली है इसलिए किसी भी व्यक्ति पर बिना किसी पुख्ता सबूत के या ठोस डिजिटल रिसर्च के इल्ज़ाम लगाना मानहानि के बराबर होगा।
साइबर फॉरेंसिक और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से एजेंसियां पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर ही रही थी कि इसी बीच मंदिर के ट्रस्ट अधिकारी चंपत राय का लेटर आया जिसमें लिखा था कि अयोध्या में कुछ बड़ा होने वाला है।
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महासचिव पद से निकालने पर जताई नाराजगी
राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच आपस में ही दूरियां बढ़ गई हैं। इस बात के संकेत मिलने लगे हैं। महासचिव पद से चंपत राय को निकाले जाने के बाद से वह काफी नाराज हैं। उन्हें लगता है कि बुरे समय में उनका साथ सभी ने छोड़ दिया है। मंगलवार को पत्र जारी करने के साथ उन्होंने रामायण का श्लोक लिखकर इस बात को समाज में भी व्यक्त किया।
पत्र के माध्यम से उन्होंने अपनी पीड़ा जताई। अब दूसरा पत्र उनके द्वारा जारी न किया जाए इसे रोकने की कवायद शुरू हो गई है। तीर्थ क्षेत्र पुरम में मुलाकात के निहितार्थ इसी रूप में तलाशे जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चंपत राय से मंगलवार की देर शाम और बुधवार की सुबह संघ और विश्व हिंदू परिषद के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों ने भी फोन पर बात की है और उन्हें कुछ दिन शांत रहने के साथ सब ठीक करने की बात कही है।
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सोशल मीडिया पर छाए हुए है चंपत राय
कहा जा रहा है की दान काउंटिंग करने वाले कर्मचारियों की ड्रेस, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और उनकी तलाशी वगैरह के लिए बनाए गए नियम अनिल मिश्रा ने ही शिथिल कर दिए थे। चर्चा तो इस बात की भी है कि गणना केंद्र से दान की चोरी हो रही थी तो यह संभव नहीं था कि यह अनिल मिश्रा की जानकारी में न रहा हो। इन सबके अलावा श्री राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एसआईटी को दिए गए बयान की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल है।