Gen Z vs Millennials इन दोनों कंपटीशन तो हमेशा से ही चलता आ रहा है। कोई कहता है कि जैन जी सिर्फ फोन में मगन रहता है और कोई कहता है मिलेनियल्स सिर्फ काम-काम करते रहते हैं। आज की युवा पीढ़ी लगभग Gen Z (1997 से 2012 के बीच जन्मे हुए) लोगों को अक्सर सोशल मीडिया मोबाइल और इंटरनेट का दीवाना माना जाता है लेकिन कई रिपोर्ट में इस धारणा को काफी हद तक बदल दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार Gen Z कई मामले में Millennials (जो लोग 1981 से 1996 के बीच में जन्मे है) उनकी तुलना में जैन जी ज्यादा अधिक स्वास्थ्य जीवन शैली अपना रहे हैं हालांकि मानसिक तनाव जैसी चुनौतियां अभी भी उनके सामने मौजूद है। रिपोर्ट के मुताबिक जयंती पहले की वीडियो की तुलना में शराब का सेवन कम कर रही है आंकड़ों के अनुसार मिलेनियल के मुकाबले लगभग 20% कम शराब पीती है।
इसके अलावा धूम्रपान और देर रात पार्टी करने का चलन भी इस पीढ़ी में पहले के मुकाबले काफी कम देखने को मिल रहा है। इसकी जगह युवा फिटनेस अच्छी नींद और हेल्दी लाइफ़स्टाइल को प्रायोरिटी दे रहा है। फिटनेस और हेल्दी खानपान पर ज्यादा ध्यान भी जल्दी ही दे रहा है, जिम जाना योग करना रनिंग पायलट और घर का खाना पौष्टिक भोजन खाना तेजी से लोकप्रिय हो रहा है इन फैक्ट की काफी ट्रेडिंग भी है सोशल मीडिया पर अक्सर आए दिन रेसिपीज आती रहती है कि कैसे घर का बना हुआ खाना को और टेस्टी बनाएं।
यह पीढ़ी जंक फूड की बजाय संतुलित आहार और प्रोटीन युक्त भोजन को महत्व दे रही है साथ ही पीने का पानी समय पर भोजन करना और नियमित व्यायाम जैसी आदतें भी बहुत तेजी से अपना रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है की अच्छी नींद बेहतर स्वास्थ्य की सबसे बड़ी कुंजी है। नहीं पीढ़ी देर रात तक बाहर रहने की बजाय अच्छे से नींद ले रही है कई युवा अब अपनी दिनचर्या इस तरह बना रहे हैं कि उन्हें आराम भी मिल सके और वह अगले दिन अच्छे से काम भी कर सके।
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हालांकि शारीरिक रूप से बेहतर आदतें अपनाने के बावजूद Gen Z के सामने मानसिक स्वास्थ्य एक और बड़ी चुनौती है पढ़ाई कैरियर आर्थिक दबाव और सोशल मीडिया की वजह से इस पीढ़ी ने तनाव चिंता और अकेलापन जैसी बड़ी-बड़ी समस्याएं भी झेली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल शारीरिक फिटनेस थी काफी नहीं बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सोशल मीडिया ने जयंती को फिटनेस पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध करवाई है इससे लोग स्वस्थ आदतें सीख रहे हैं और अपने दिनचर्या में उन स्वस्थ आदतों को अपना रहे हैं लेकिन दूसरी और लगातार स्क्रीन टाइम दूसरों से तुलना और ऑनलाइन दबाव मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है इसीलिए विशेषज्ञ का मानना है कि सोशल मीडिया से दूरी बनाए जितना रख सको उतना रखो।
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अब सवाल तो यह उठता है क्या Millennials पीछे रह गए? इसका मतलब यह नहीं की Millennials स्वस्थ नहीं है इस पीढ़ी ने भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता काफी ज्यादा बधाई है लेकिन नौकरी का दबाव परिवार के जिम्मेदारियां और व्यस्त जीवन शैली के कारण कई बार में अपनी फिटनेस पर उतना ध्यान नहीं दे पाए वहीं Gen z की उम्र से ही स्वस्थ और वैलनेस को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बना रहे हैं।
नई रिपोर्ट में यह भी पता चला है की Gen z शारीरिक स्वास्थ्य के मामले में Millennials से कुछ कदम आगे निकलती दिखाई दे रही है काम शराब पीना नियमित व्यायाम बेहतर खान-पान पर्याप्त नींद जैसी आदतें उनकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि वह मानसिक तनाव से अभी भी जूझ रहे हैं डिजिटल जीवन शैली से जुड़ी चुनौतियों को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अगर जल्दी शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने में सफल रहती है तो यह आने वाले वर्षों में सबसे स्वस्थ साबित हो सकती है।