दिल्ली में भारत विरोधी पोस्टर लगाने के आरोप में छह बांग्लादेशी गिरफ्तार

तमिलनाडु के तिरुपुर से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छह संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन पर दिल्ली में पाकिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं और आगे की जांच जारी है।
Delhi Anti India Poster Arrest Case 2026

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तमिलनाडु के औद्योगिक शहर तिरुपुर से छह संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर दिल्ली में पाकिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की बात कही जा रही है। पुलिस की टीम उन्हें अपने साथ दिल्ली ले गई है, जहां आगे की जांच की जाएगी।

जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम 20 फरवरी को तिरुपुर पहुंची थी। टीम में एक इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर समेत कई अधिकारी शामिल थे।

स्थानीय पुलिस की मदद से इन छह लोगों को अलग अलग इलाकों से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें तिरुपुर नॉर्थ पुलिस स्टेशन में रखा गया और फिर मेडिकल जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ट्रेन से दिल्ली ले जाया गया।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबद, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जवल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इनके पास से 12 मोबाइल फोन और उत्तर भारत के पते वाले कुछ फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग मजदूरी करते हुए शहर के अलग अलग इलाकों में रह रहे थे।

तिरुपुर के पुलिस आयुक्त राजेंद्रन ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की पूरी जानकारी साझा नहीं की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर इन छह लोगों के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं था। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि ये लोग कब से यहां रह रहे थे और किस तरह के काम में लगे हुए थे।

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में राजधानी में कई जगहों पर भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें जनपथ मेट्रो स्टेशन, कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और कुछ अन्य स्थान शामिल थे।

इस मामले में पहले भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान जिन मोबाइल नंबरों का पता चला, उनमें तिरुपुर में रहने वाले इन लोगों के नंबर भी शामिल थे। इसी आधार पर पुलिस टीम तमिलनाडु पहुंची और कार्रवाई की।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में एक बड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि कुछ संदिग्ध लोगों को विदेश में बैठे हैंडलर निर्देश दे रहे थे। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

इस घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि राज्य की एजेंसियों को पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।

बताया जा रहा है कि तिरुपुर में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। यहां कपड़ा उद्योग से जुड़ी फैक्ट्रियों में लाखों श्रमिक काम करते हैं, जिनमें कई दूसरे राज्यों से आते हैं। पुलिस के अनुसार पिछले डेढ़ साल में शहर से 200 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया भी की गई है।

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फिलहाल गिरफ्तार किए गए इन छह लोगों से दिल्ली में पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस मामले में उनकी भूमिका क्या थी और उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।