KYC नियमों का पालन करना सभी सरकारी व प्राइवेट बैंक की जिम्मेदारी होती है जिसका संचालन RBI यानि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के द्वारा किया जाता है। जो बैंक RBI द्वारा निर्मित निदेशो का पालन नहीं करता उन पर भारी पेनल्टी लग सकती है।
ऐसे ही प्रमुख सरकारी बैंकों में से एक बैंक ऑफ़ बड़ौदा पर भारतीय रिजर्व बैंक ने KYC नियमों का उल्लंघन करने व कुछ लोन खातों में नियमित सीमा से ज्यादा ब्याज वसूलने के कारण लगाया 63.60 लाख का जुर्माना। इस पेनल्टी को लगाकर RBI ने साफ़ शब्दों में उन बैंकों को चेतावनी दी है जो RBI से निर्धारित किए किसी भी नियम का पालन नहीं कर रहे है।
यह भी पढ़ें: स्वरोजगार और निवेश पर फोकस, हिमाचल में कारोबार को मिलेगा नया बूस्ट
क्या है पूरा मामला ?
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंक ऑफ़ बड़ौदा में चल रहे मनमाने कार्य को लेकर खुलासा तब किया जब सभी बैंकों का 31 मार्च को निरीक्षण चल रहा था। RBI के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने ‘फाइनेंसियल सर्विस प्रोवाइडेड बाय बैंक – कस्टमर प्रोटेक्शन’ से जुड़े कुछ नियामकीय निर्देशों का पालन सही तरीके से नहीं किया। निरीक्षण में मौजूद दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया गया कि बैंक ने RBI निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रखा है।
जांच में पाया गया कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कुछ ग्राहकों से अधिक ब्याज दर वसूला है जो की नियमों का साफ़-साफ उल्लंघन किया है। यहीं नहीं आगे की जांच में पाया गया कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा कई खातों में ग्राहकों की KYC जानकारी को नियमित समय में अपडेट नहीं करता था। इस जांच के बाद रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंक को नोटिस भेज यह सवाल किया कि जब तक इस उल्लंघन का कारण नहीं मिल जाता तब तक बैंक ऑफ़ बड़ौदा पर केस को जारी रखा जाएगा।
इसके अलावा बैंक ऑफ़ बड़ौदा को स्पष्टीकरण मांगते हुए लिखित में जवाब देने के लिए कहा यह इसलिए किया गया ताकि बैंक सुनवाई के समय अपना पक्ष रख पाए। हालांकि लिखित में इन जवाबों को RBI ने संतोषजनक नहीं माना और 30 जून 2026 को बैंक पर 63.60 लाख का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
यह भी पढ़ें: Jio IPO पर मुकेश अंबानी का बड़ा अपडेट, आज SEBI के पास फाइल होंगे DRHP दस्तावेज
पहले भी कई बैंकों पर हुई है कार्रवाई
हाल के वर्षों में RBI ने कई सरकारी और निजी बैंकों पर नियामकीय निर्देशों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया है। इनमें KYC नियम, ग्राहक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, लोन प्रक्रिया जैसे मामलों में कार्रवाई की गई है। RBI का कहना है कि ऐसी कार्रवाई का मकसद बैंकिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
यह भी पढ़ें: Adani AGM Highlights: डेटा सेंटर, पोर्ट्स, एयरपोर्ट और AI पर फोकस, जानें क्या बोले गौतम अदाणी
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
RBI ने ग्राहकों को संतोष देने के लिए यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहकों को इस नोटिस से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, यह कारवाही केवल नियमों का उल्लंघन करने के कारण की गयी थी। इसके अलावा बैंक द्वारा संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण RBI ने पेनल्टी लगाने की ठानी है। इस जुर्माने से बैंक और उसके ग्राहकों के बीच किसी भी लेनदेन, खाते या बैंकिंग सेवाएं अप्रभावित रहेगी यानि बैंक की सारी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इसके अलावा RBI ने यह भी दावा किया कि ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है।