पतंजलि फूड्स कंपनी के बारे में सिर्फ भारत देश ही नहीं बल्कि अन्य देश भी जानते हैं। पतनंजलि फूड्स आज देश की बड़ी खाद्य और FMCG कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी का कारोबार सिर्फ खाने के तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि आटा, घी, सोया उत्पाद, न्यूट्रेला, बिस्कुट और कई पैकेज्ड फूड आइटम्स तक फैला हुआ है।
पतंजलि फ़ूड ने वर्ष 2019 में अपनी पहचान लोगों के बीच बनानी शुरू की और 2022 में पतंजलि ने अपनी कंपनी को नया नाम दिया जो कि पतंजलि फूड्स लिमिटेड है। पतंजलि फूड्स के प्रोडक्ट्स लोगों के घरों में आम तौर पर पाए जाते हैं। आज कंपनी के उत्पाद देशभर के लाखों किराना स्टोर, सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
पतंजलि फूड्स पर कई निवेशकों की नजरें बनी रहती है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में पतंजलि फ़ूड लिमिटेड के शेयर्स में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में बाजार एक्सपर्ट्स ने पतंजलि फूड्स कंपनी के शेयर्स में भारी गिरावट देखी है। अचानक आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
आज यानी बुधवार को पतंजलि फूड्स के शेयर्स 18 प्रतिशत नीचे फिसले नजर आए। कंपनी का शेयर BSE पर 407.65 रुपये के मुकाबले 408 रुपये पर खुला और 328.05 रुपये तक फिसल गया। करीब साढ़े 12 बजे ये 16.67 फीसदी की गिरावट के साथ 339.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। पिछले कारोबारी दिन में यह शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
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क्या है धरल्ले से शेयर गिरने का कारण ?
कई निवेशक और एक्सपर्ट्स ने रिपोर्ट्स को खंगाला तो इसका सबसे बड़ा कारण ब्लॉक डील निकल कर आया। बताया जा रहा है कि पतंजलि के शेयर्स में 15 जुलाई को एक बड़ी ब्लॉक डील हुई थी। इस ब्लॉक डील की वैल्यू 195 करोड़ रुपये है, जिसमें कंपनी की 1.5 प्रतिशत की इक्विटी का लेन-देन हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के 54.24 लाख शेयरों का लेन-देन 355 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर हुआ। इतनी भारी अमाउंट में शेयर बिकने के कारण शेयर्स तेजी से नीचे गिर गए।
वहीं दूसरी ओर आज यानि 16 जुलाई को कारोबार शुरू होते ही पतंजलि फूड्स के शेयर में लगातार लोअर लेवल देखने को मिला। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई जिसकी वजह से छोटे निवेशकों ने नुकसान से बचने के लिए अपने शेयर बेचना शुरू कर दिए। कई विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी कंपनी के शेयर में बड़ी ब्लॉक डील होती है, तो अक्सर बाजार इसे नकारात्मक संकेत मान लेता है और इससे शेयर पर अतिरिक्त दबाव बन जाता है।
16 जुलाई को क्या है हाल ?
आज पतंजलि के शेयर में लगातार तीसरे सेशन में भी गिरावट जारी है। स्टॉक में गिरावट के साथ-साथ बहुत अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम भी देखा गया। 20-दिन के औसत (लगभग 25 लाख शेयर) की तुलना में 2.3 करोड़ से अधिक शेयरों का लेन-देन हुआ। पिछले 52 हफ्तों में पतंजलि फूड्स के शेयरों में 27 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 6.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।