ब्रिटेन की महिला का दावा- भारत यात्रा के बाद दिमाग में मिले 38 परजीवी, डॉक्टर भी रह गए हैरान

Shakshi Chauhan

4 जुलाई 2026

ब्रिटेन में रहने वाली 42 साल की लोवरी डेनमैन की जिंदगी पूरी तरह बदल गई जब उन्होंने शौचालय जाने के बाद करीब 1 मीटर लंबा टेपवर्म देखा। पहले उन्हें समझ नहीं आया कि यह क्या हो सकता है लेकिन जब जांच पड़ताल की गई तो सच्चाई सामने आई और डॉक्टर भी बहुत ज्यादा हैरान थे। उनके दिमाग में 38 परजीवी मौजूद थे जिनकी वजह से उन्हें तेज सर दर्द डर और मानसिक भ्रम जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।

लोवरी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार लंबे टेपवर्म को दिखा तो उन्हें बहुत ज्यादा जिन महसूस हुई। उन्होंने यह कहा कि वह सेलो टेप की तरह दिखाई दे रहा था जिस पर छोटी-छोटी दरिया बनी हुई थी। उसे समय उन्हें लगा कि उसे फ्लैश कर दिया और बाद में डॉक्टर से जांच भी करवाए हालांकि मल की जांच सामान्य आई और उसे समय उन्हें कोई खास परेशानी भी नहीं थी इसलिए उन्होंने इस घटना को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया।

करीब एक साल बाद उनकी तबीयत न जाने क्यों बिगड़ने लगी उन्हें बार-बार सर दर्द होता था और फिर एक दिन उन्हें दौरा पड़ गया। उनके अनुसार उन्हें बोलने में भी बहुत ज्यादा परेशानी आ रही थी जब उन्हें होश आया तो वह एंबुलेंस में थी उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिरकार उनके साथ हुआ क्या है।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका सीटी स्कैन और मरी कराया रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके दिमाग में 38 परजीवी मौजूद है। यह सुनकर वे और उनके मन दोनों हैरान हो गए। वह दोनों बहुत ज्यादा डर गए शुरुआत में डॉक्टरों को लगा कि उन्हें प्लास्मोसिस नाम का संक्रमण है जो अक्सर संक्रमित बिल्ली के मां के संपर्क में आने से हो सकता है।

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लेकिन उनकी मां ने डॉक्टरों को एक साल पहले मिले टेपवर्म के बारे में बताया इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा अच्छे से जांच की। आखिरकार पुष्टि हुई की कि यह बीमारी तब होती है जब सूअर के टेपवर्म के लारवा शरीर के अंदर पहुंचकर दिमाग तक पहुंच जाते हैं और वहां सिस्ट बना लेते हैं। वह लड़की मीडिया क्षेत्र में काम करती है और साल 2007 में 3 महीने के लिए भारत घूमने आई थी।

डॉक्टर का मानना है की यात्रा के दौरान उन्हें यह संक्रमण हुआ होगा यात्रा के समय उन्होंने फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए मांस नहीं खाने का फैसला किया था लेकिन डॉक्टर का मानना है कि उन्होंने अनजाने में ऐसा भोजन में पानी ग्रहण कर लिया होगा जिसे टेपवर्म की बेहद छोटे एंड मौजूद थे।
हो के अनुसार न्यूरोसिस्टिक का संक्रमण कई कर्म से फैल सकता है।

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जैसे दूषित भोजन में पानी का सेवन करना या बेकार स्वच्छता प्रमुख कारण है। ब्रिटेन जैसे देशों में यह बीमारी बहुत कम देखने को मिलती है वह ज्यादातर उन लोगों के सामने आते हैं जो ऐसे देश की यात्रा कर चुके हैं या वहां से आए हो जहां से यह संक्रमण अधिक पाया जाता है।

कई वर्षों तक इलाज और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के बाद अब उनकी हालत पहले से काफी ज्यादा बेहतर है वह चाहती है कि उनकी कहानी लोगों तक पहुंचे और उनके लिए एक चेतावनी बने। उनका कहना है कि अगर किसी इंसान को लगातार सिर दर्द या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और जांच करवानी चाहिए।

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