पाकिस्तान बोला – अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक में 80 आतंकी मारे गए, तालिबान ने दी चेतावनी

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के पास एयरस्ट्राइक कर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार कई लड़ाके मारे गए, जबकि अफगानिस्तान का कहना है कि हमलों में नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

न्यूज डेस्क - Khabar Mirror

24 फ़रवरी 2026

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Pakistan Afghanistan Airstrike 80 Militants Claim

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी के अनुसार इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कम से कम 70 लड़ाके मारे गए।

वहीं कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 80 तक बताई जा रही है, हालांकि सरकार ने इस बारे में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है।

पाकिस्तानी सेना के अनुसार रविवार तड़के अफगानिस्तान की सीमा के पास कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूह कर रहे थे। सेना ने दावा किया कि कुल सात कैंपों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई।

पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में की गई है। सरकार का आरोप है कि पाकिस्तान में होने वाले कई आतंकी हमलों की योजना अफगानिस्तान की जमीन से बनाई जा रही है। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसके पास ऐसे नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।

हालांकि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के इन दावों को खारिज किया है। अफगान सरकार का कहना है कि इन हमलों में आतंकियों के बजाय आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नांगरहार प्रांत में एक घर पर हमला हुआ, जिसमें एक ही परिवार के कई लोग मलबे में दब गए। मानवाधिकार संगठन International Human Rights Foundation के अनुसार इस घटना में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि उचित समय पर इसका जवाब दिया जाएगा। अफगान सूत्रों के अनुसार पक्तिका क्षेत्र में एक धार्मिक स्कूल पर ड्रोन हमला भी किया गया।

दरअसल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

हाल के महीनों में पाकिस्तान में कई बड़े हमले हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में सुरक्षा बलों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें दो सैनिकों की मौत हो गई थी। इससे पहले बाजौर और इस्लामाबाद में भी बड़े हमले हुए थे, जिनमें कई लोगों की जान गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ज्यादा सक्रिय हो गया है। पाकिस्तान का दावा है कि यह संगठन उसके लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा बन चुका है।

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक की हालिया रिपोर्ट में भी पाकिस्तान को दुनिया के सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देशों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश में आतंकी हमलों में तेजी आई है और इनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की भूमिका प्रमुख मानी जा रही है।

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इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि अफगान तालिबान पर दबाव बनाया जाए, ताकि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ न किया जा सके। वहीं अफगानिस्तान का कहना है कि सीमा पार हमले हालात को और खराब कर सकते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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