₹1 लाख की सैलरी के बाद भी महीने की पहली तारीख को जेब क्यों हो जाती है खाली? एक्सपर्ट्स ने बताई वजह

Shakshi Chauhan

1 जुलाई 2026

एक समय था जब एक लाख रुपए महीने की सैलरी बहुत ही अच्छी मानी जाती थी लोग इसे ही ज्यादा सपोर्ट करते थे। ऐसा माना जाता था कि इतनी कमाई वाला व्यक्ति बहुत ही आरामदायक जिंदगी जी सकता है और काफी अच्छे बचत कर सकता है। लेकिन अब हालत बहुत तेजी से बदल रहे हैं आज के जमाने में ₹100000 कुछ भी नहीं लगता, एक लाख रूपए कमाने के बावजूद भी ऐसा लगता है कि बहुत ज्यादा प्रेशर है। बहुत ज्यादा आर्थिक दबाव महसूस करते हैं लोग एक महीना एक लाख कमाने के बाद भी।

सबसे बड़ी वजह सिर्फ महंगाई ही नहीं बल्कि बदलता लाइफस्टाइल, बढ़ते खर्च और काफी सारी चीज हैं जो एक लाख को बहुत कम सैलरी बनाती है। इसका यही कारण है की अच्छी सैलरी होने के बावजूद भी लोगों को बहुत ज्यादा कमी फील होती है और ऐसा लगता है कि पैसा हाथ में टिक ही नहीं रहा है। फाइनेंस एक्सपर्ट के अनुसार आज के समय में मेट्रो सिटी में रहने वाले लोगों की कमाई का बड़ा हिस्सा जरूरी खर्चे में चला जाता है मेट्रो सिटी में लोगों की सैलरी तो बहुत ज्यादा है लेकिन उससे भी ज्यादा है उनके खर्चे।

घर का किराया या होम लोन की ईएमआई बच्चों की पढ़ाई मेडिकल खर्च बिजली पानी का खर्चा इंटरनेट बिल यात्रा किरण और अन्य आए दिन के होने वाले खर्चे। इतने सारे खर्चों में बहुत ही कम पैसा बच पाता है और इसीलिए ही 1 लाख सैलरी वाला भी बहुत ज्यादा फाइनेंशियल बर्डन महसूस करता है।

लोगों की सैलरी तो बड़ी है लेकिन लोगों का लाइफस्टाइल भी काफी बदल चुका है आजकल के जमाने में और यही कारण है कि लोगों को एक लाख की सैलरी भी बहुत कम लगती है।एक टाइम था जब एक लाख सैलरी को लोग अपना गोल बनाते थे और सोचते थे कि बस इतना कमाना वही बहुत है। आजकल लोगों को काफी सारी सुविधाएं चाहिए पहले जैसा सामान्य जीवन नहीं रहा।

साधारण गाड़ी साधारण फोन और सीमित खर्च होते थे लेकिन अब लोगों को बेहतर चीज चाहिए बेहतर कर बेहतर स्मार्टफोन बाहर का खाना ऑनलाइन शॉपिंग ट्रैवलिंग और बहुत सारी प्रीमियम सेवाओं का आनंद। हाल फिलहाल में ही कुछ सालों में घर का किराया काफी ज्यादा बढ़ चुका है शिक्षाओं का खर्चा हेल्थ केयर का खर्चा रोजमर्रा की जरूरत में ही सारा पैसा चला जाता है। ₹100000 की सैलरी की वास्तविक खरीद क्षमता पहले जैसी नहीं रही अब ₹100000 की कीमत बहुत कम हो चुकी है।

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इस मुद्दे पर आए दिन चर्चा होती ही रहती है कई लोगों का कहना है कि आज एक लाख रुपए महीने पहले की 30 से ₹40000 के बराबर महसूस होता है। रिसर्चों का मानना है कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी केवल अच्छी सैलरी से नहीं आती बल्कि बचत भी बहुत ज्यादा जरूरी है। लोगों को इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए और बड़ी कमाई को लंबे समय तक एक जगह रखनी चाहिए।

हर महीने सैलरी का कुछ हिस्सा निवेश करना चाहिए शादी हेल्थ इंश्योरेंस टर्म इंश्योरेंस और कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए क्योंकि हाथ से बात कर नहीं होते। आजकल के लोगों की जिंदगी में सोशल मीडिया का बहुत बड़ा असर है। आज सोशल मीडिया के दौर में लगता है कि हम सबसे पीछे छूट चुके हैं लोगों की लाइफ स्टाइल देखकर खुद से कंपैरिजन करना किसी के पास नहीं कर है तो किसी के पास नया स्मार्टफोन कोई विदेश घूम रहा है और कोई महंगे गैजेट खरीद रहा है।

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इससे लोगों की इच्छा और खर्च दोनों ही बढ़ते हैं कई बार लोग अपनी सैलरी से ज्यादा ही खर्च कर देते हैं दिखावे के तौर पर। कुछ टिप्स जो सुधार सकते हैं फाइनेंशियल स्थिति। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर महीने पहले बचत करें फिर खर्च करें, स्कूल की चीज और सब्सक्रिप्शन पर अपना पैसा जाया ना करें, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बहुत ही सोच समझकर करें, इमरजेंसी फंड तैयार रखें।