फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में हुए हमले की कोशिश को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान अलग-अलग सामने आए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यक्तिगत तौर पर इस घटना के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही है, जबकि वेंस ने कहा है कि उन्हें अब तक ऐसा कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला, जिससे हमले को ईरान से जोड़ा जा सके। मामले की जांच अभी जारी है।
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ट्रंप बोले- मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है ईरान जिम्मेदार
ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान फ्लाईदुबई मामले में ईरान की संभावित भूमिका को लेकर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ईरान इस घटना के पीछे था। हालांकि, ट्रंप ने अपने इस आकलन के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत या खुफिया जानकारी पेश नहीं की।
इससे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान और इस घटना के बीच संबंध सामने आता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लेकिन जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक ईरान की भूमिका की पुष्टि नहीं की गई है।
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जेडी वेंस ने कहा- अभी कोई निर्णायक सबूत नहीं
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप के बयान से अलग रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं देखा है, जो फ्लाईदुबई घटना को ईरान से जोड़ता हो। उन्होंने कहा कि ईरान की संभावित भूमिका को लेकर जांच की जा रही है और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष खुफिया अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आएगा।
वेंस ने अमेरिकी खुफिया अधिकारियों, जिनमें CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ भी शामिल हैं, पर इस मामले में आकलन की जिम्मेदारी छोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह जांच से जुड़ी किसी घोषणा से पहले निष्कर्ष निकालना नहीं चाहते।
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30 सितंबर को फ्लाइट में क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान ओमान के सह-पायलट पर विमान के कप्तान पर हमला करने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगा। स्थिति को यात्रियों और चालक दल ने संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश के तौर पर जांच के दायरे में रखा है। संदिग्ध को UAE की हिरासत में लिया गया है और घटना के पीछे के मकसद तथा संभावित संपर्कों की जांच जारी है।
जांच में अब तक क्या सामने आया?
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में को-पायलट की पहले से योजना बनाए जाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जांच सूचनाओं में अभी तक ईरान से इस घटना का कोई पुष्ट संबंध सामने नहीं आया है।
इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने भी शुरुआती जांच में सह-पायलट के अकेले कार्रवाई करने की संभावना पर विचार किया है। वहीं, ईरान की ओर से इस घटना को लेकर इजरायल पर ही आरोप लगाए गए हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या जांच के दौरान ईरान और फ्लाईदुबई घटना के बीच कोई ठोस कड़ी सामने आती है। तब तक ट्रंप का बयान व्यक्तिगत आकलन के रूप में और वेंस की टिप्पणी मौजूदा जांच की स्थिति के रूप में देखी जा रही है।





