फ्लाईदुबई के साथ हाल ही में हुए हादसे को लेकर एक बड़ा बयान सामने आ रहा है। बता दें कि दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हमला करने और विमान गिराने की कोशिश करने वाले को-पायलट की पहचान के ओमान के हमामी अल-हमामी के रूप में की गई है।
इसके साथ ही उसके चरमपंथी कनेक्शन के बारे में भी खुलासा हुआ है, जिसके चलते उसे ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद वह UAE की फ्लाईदुबई एयरलाइंस में नौकरी पाने में सफल रहा और विमान उड़ा रहा था।
बताया जा रहा है कि वह पहले ओमान एयर में को-पायलट बनने की ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन 2024 के दौरान उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद उसे उड़ान से हटा दिया गया था। इसके बाद भी वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचा और बाद में फ्लाईदुबई में को-पायलट के रूप में काम करने लगा।
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कौन है हमाम अल-हमामी?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के बाद आरोपी को-पायलट की पहचान 29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के तौर पर सामने आई है। उसकी पहचान की जानकारी CNN के हवाले से सामने आई है और एक इजराइली अधिकारी तथा सऊदी सरकारी मीडिया ने भी उसकी पहचान की पुष्टि की है। घटना के बाद उसे सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया था और बाद में जांच के लिए यूएई ले जाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम ने ओमान एयर में करीब सात साल काम किया था। वह को-पायलट बनने की ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन इसी दौरान उसके बारे में सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आईं। रिपोर्टों में कहा गया है कि 2024 के आसपास उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिली थी। इसके बाद उसे फ्लाइट ट्रेनिंग से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी दी गई थी।
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ओमान में उड़ान से क्यों हटाया गया था?
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी उसका ओमान एयर का पुराना रिकॉर्ड है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और उसके बाद आई AP की रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी अधिकारियों ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था। इसके पीछे उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया गया है। हालांकि, ओमान की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमाम को ओमान एयर में ट्रेनिंग के दौरान उड़ान से हटाया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाद में वह प्रशासनिक भूमिका में काम करता रहा। अलग-अलग रिपोर्टों में उसके रिकॉर्ड और कार्रवाई के समय को लेकर कुछ अंतर है, इसलिए इन जानकारियों को जांच के दौरान सामने आए दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान में उड़ान से हटाए जाने के बाद हमाम ने वहां से बाहर जाकर दूसरी एयरलाइनों के साथ काम किया और बाद में फ्लाईदुबई से जुड़ गया। बताया जा रहा है कि उसके एक पुराने लिंक्डइन प्रोफाइल में ओमान एयर के अलावा रॉयल एयर मैरोक में काम करने की जानकारी भी दर्ज थी। फ्लाईदुबई के साथ वह घटना से पहले करीब आठ महीने से जुड़ा था।

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सीरिया से भी जुड़ रहा है नाम
इजरायली चैनल 12 ने बताया कि अलहमामी अलकायदा के विचारों से प्रभावित था और इससे जुड़ने की प्रक्रिया में कई धार्मिक नेताओं से मिला था। सीरिया में रहते हुए उसका इस्लामिक कट्टरपंथ को लेकर रुझान बढ़ा। उसके पास मिले सामान में फ्री-फिलिस्तीन समूह के पर्चे के साथ ही फिलिस्तीन समर्थक सामग्री पाई गई है। वह सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के प्रति समर्थन और इजरायल को लेकर दुश्मनी दिखाता रहता था।
इसके अलावा इजरायली मीडिया रिपोर्ट में उसके तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के लिए मंजूरी मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि ओमान इजरायल को मान्यता नहीं देता है और न ही इजरायल के साथ राजनयिक संबंध हैं। ऐसे में उसे इजरायल जाने वाली फ्लाइट की उड़ान के लिए मंजूरी कैसे दी गई।
इजरायली मीडिया आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुए हमले का मकसद ओमानी को-पायलट का इरादा कॉकपिट पर कब्जा कर लेने के बाद विमान को इजरायल ले जाकर क्रैश कराने का इरादा था।





