भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर अवैध घुसपैठ का पूरा खेल आया सामने

चुप चुप कर रहे बांग्लादेशी 10 मिंट में कराई जाती थी भारत के बॉर्डर के अंदर एंट्री। बॉर्डर पार करने वाले एजेंट का हुआ खुलसा भारत के अंदर तक थी सेटिंग जो घुसपैठियो का करती थी खाने, रहने का इंतेजाम। 

बांग्लादेशी एजेंटों के काले कामों का हुआ पर्दाफाश।भारत-बांग्लादेश के बीच सक्रिय अवैध घुसपैठ और नकली दस्तावेजों की लंबी कतार को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसियों में चिंता का विषय बनता जा रहा है। बांगलादेश और भारत की सीमा में 4100 किमी लंबी सीमा के भीतर बांग्लादेशी एजेंट, जिन्हें विचोलिया भी कहा जा रहा है, घुसपैठियों से मोटी रकम लेकर 10 मिनट में बांग्लादेश से भारत पहुंचा देते हैं। कहा जा रहा है कि विचोलियो का एक नेटवर्क बना हुआ है, यहां तक कि इन लोगों का नेटवर्क भारत के अंदर भी फैलाया हुआ है, जो घुसपैठियों के लिए नकली आधार कार्ड बनवाकर भारतीय होने का स्टांप लगवाकर पहचान पत्र बनवाते हैं।

भारत पहुंचने के बाद दूसरी नेटवर्क एजेंसियां काम में लग जाती हैं। फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड यहाँ तक कि रहने के लिए कमरे या अस्थाई ठिकानों का इंतजाम भी किया जाता है, ताकि इनकी आवाजाही आसान कर दी जाए। बांग्लादेश की बड़ी आबादी के अंतर्गत भारत के खिलाफ रहने का माहौल आम तौर पर बना रहता है लेकिन इसके बावजूद वह भारत में घुसना चाहते हैं, उन्होंने बयान दिया और बताया कि वह किस प्रकार भारत की सीमा में चोरी से कदम रखते हैं। इसी पर बयान देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि इन घुसपैठियों को न तो पनाह दी जानी चाहिए और न ही इन्हें जेल में बंद करना चाहिए बल्कि उन्हें सीधे सीमा पार बीएसएफ को सरेंडर कर देना चाहिए।

इसी पर देखते हुए भारत से कई सैकड़ों घुसपैठिये भारत छोड़ कर जाने के लिए तैयार हैं। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने इन घुसपैठियों की वापसी का ऐलान करते हुए कहा, ‘चूंकि ये लोग वापस भारत छोड़ने को राजी हो गए हैं तो इन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।’विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ विचोलियों और इन घुसपैठियों से जुड़ा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है।

इन ही घुसपैठियों में से एक ने अपने यूट्यूब चैनल में लाइव होकर बताया कि वह अपने भाइयों के साथ बिचौलियों के द्वारा स्ट्रॉन्ग नेटवर्क के जरिए भारत में दाखिल हुआ था। उसने विस्तार में बताया कि बांग्लादेशी किस तरह से प्लानिंग करके भारत में घुसते हैं। उसने आगे कहा कि कभी-कभी तो सीमा पार करने के लिए और बीएसएफ से बचने के लिए कभी कभी पूरी रात इंतजार करना पड़ता है, तो कभी कभी 10 मिनट में ही यह बॉर्डर पर हो जाता है।

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फिलहाल इन घुसपैठियों को भारत से निकालकर बीएसएफ के हवाले किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि भारतीय सुरक्षा टीम भी अब और कठोर हो गई है।