मिडल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मंगलवार तक हॉर्मुज़ के पास से गुज़र रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ है। यह हमला ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने किया है। इस बात की जानकारी अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है। इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्ध ख़त्म करने की बातचीत पर बड़ा असर पड़ सकता है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान में लोग अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का शोक माना रहे हैं। खामेनेई की मौत, ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी और उनके निधन के बाद से ईरान में गमगीन माहौल बन हुआ है।

जानकारी के अनुसार ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर पिछले काफ़ी समय से इस इलाके से गुज़रने वाले जहाजों को धमकी दे रहा था । यह पैरामिलिट्री फोर्स और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशों को कमजोर करने में लगी हुई है। गार्ड कोर ने साफ़ चेतावनी दी थी की जहाज़ उस रास्ते से गुज़रे जिसे अमेरिका सेना ने ओमान के तट के पास सुरक्षित घोषित किया था। मंगलवार को हुआ हमला इसी चेतावनी के बाद सामने आया है, जिससे इलाके में तनाव और भी बढ़ गया है।
इसी बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन यानी कि यूके एम टी ओ ने भी एक अलग घटना की जानकारी दी है, कि यूके एम टी ओ के मुताबिक़ ओमान के लिमाह से करीब आठ नॉट मिल पूर्व में यह घटना हुई। एक टैंकर जहाज़ दक्षिण दिशा में जा रहा था तभी किसी अज्ञात प्रोजेक्ट ने उसे बायीं और से टक्कर मार दी। इस टक्कर के कारण जहाज़ में आग लग गई। राहत की बात यह है की इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। संबंधित अधिकारी अब इसे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
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यूके एम टी ओ ने सभी जहाजों को सावधानी से यात्रा करने की सलाह दी है। साथ ही यह भी कहा है की अगर किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसे जानकारी तुरंत दी जाए। इन दोनों घटनाओं ने हॉर्मुज़ इलाके में सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। यह जल मार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया भर में बड़ी मात्र में तेल के व्यापार होता है।
अगर यहाँ तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ सकता है। अब पूरी दुनिया की नज़र इस बात पर है की अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत आगे किस दिशा में जाति है और क्या इस इलाके में शांति बहाल हो पाएगी या तनाव और बढ़ेंगे।