राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद एक और घोटाले का आरोप, VIP दर्शन से हर महीने लाखों कमाने का दावा

Palak Gupta

3 जुलाई 2026

हाल ही हुए अयोध्या के राम मंदिर में अर्पित किए चांदी से बने काकभुशुंडी की मूर्ति के मंदिर से गायब होने का मामला थमा ही था लेकिन फिर से मंदिर के अंदर का एक और घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में टिन्नू नाम के शख्स का हाथ जुड़ा है। अयोध्या राम मंदिर सभी सनातनियों का पवित्र और सर्वश्रेष्ठ पूजा जाने वाला भव्य मंदिर है।

दरअसल राम मंदिर का घोटाला और चोरी की खबरें शुरू हुई थी चांदी के काकभुशुंडी के गायब होने से जिसके कारण सोशल मीडिया पर यही चर्चा चल रही थी कि वो काकभुशुंडी अब नहीं है और न ही उनका रिकॉर्ड है। इस घोटाले वाले वीडियो के कारण मंदिर के कारसेवकों पर बड़ा सवाल उठा था क्योंकि मंदिर में दान की हुई कोई भी वस्तु का ख्याल रखना कारसेवकों का कार्य था।

इसी प्रकार मंदिर के कारसेवकों से सवाल किया गया कि 200 किलो चांदी कहां है जिसका जवाब देते हुए मंदिर के निवासियों ने लोगों को विश्वास दिलाया कि  काकभुशुंडी सुरक्षित है और उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी पर आंख बंद कर के विश्वास न करें। 

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क्या है चढ़ावा चोरी का मामला ?

चांदी के काकभुशुंडी के गायब होने वाले घोटाले के बाद अब अयोध्या के राम मंदिर को लेकर यह चर्चाएं हो रही है कि मंदिर के सेवक रामशंकर यादव जिसको टिन्नू  के नाम से भी जाना जाता है। आरोप है कि यह टिन्नू लोगों को वीआईपी दर्शन करने की आड़ में श्रद्धालुओं से लाखों रुपये लेता है। हाल ही में यह खुलासा एसआईटी जांच में भी पुष्टि हुआ है।

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू गैंग बनाकर VIP दर्शन के पास मिनटों में बनवा लेता था। पास बनवाने के लिए टिन्नू लाखों रूपए का खेल करता था। पुलिस अधिकारीयों के नजर में आते ही टिन्नू के गैंग मेंबर्स को पहले से ही गिरफ्तार कर लिया था। आज जांच के बाद टिन्नू के खिलाफ पुख्ता सबूत मिला जिसके बाद उससे भी सलाखों के पीछे कर दिया गया।

यह खेल राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से शुरू हुआ यहाँ तक की एसआईटी जांच के दौरान इसका भी खुलासा हुआ है। इसमें मंदिर के कई और कर्मचारी व कुछ बाहरी लोगों पर शिकंजा कस सकता है। राम मंदिर में दर्शन करने के कुछ नियम है, जहाँ एक तरफ श्रद्धालु लाइन में लगकर अपने दर्शन का इंतजार करते है वहीं VIP पास वाले लोगों के दर्शन बिना लाइन में लगे होते है इसके लिए वीआईपी पास ट्रस्ट की ओर से जारी किए जाते हैं, जो निःशुल्क है। लेकिन इसी में यह पूरा खेल होता था। श्रद्धालुओं को आसानी से भव्य दर्शन करवाने की बात बताकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।

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रपोर्टस ने बताया कि इस गैंग ने होटल, होम स्टे वालों के जरिए से लोगों को फंसाया जाता था। अक्सर जो श्रद्धालु बाहर से आते थे उनसे तो इस गैंग की चांदी हो जाती थी। वहां ठहरने वाले श्रद्धालु से होटल या होम स्टे मालिक वीआईपी दर्शन करवाने की बात करते थे। प्रति श्रद्धालु 500 से 1000 रुपये तक आमतौर पर वसूले जाते थे।

अयोध्या की पुलिस प्रशासन का यह कहना है कि श्री राम की जन्मभूमि में ऐसा कोई दुष्कर्म नहीं साहा जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि यदि किसी श्रद्धालु को VIP पास चाहिए हो तो वह ट्रस्ट को संपर्क करें।