बार-बार आंख फड़कना हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत, जानें इसके मेडिकल कारण

Shakshi Chauhan

2 जुलाई 2026

हमारे देश में आंख फड़कने को लेकर काफी सारी चीज बोली जाती है। कोई कहता है शुभ संकेत है कोई कहता है बुरा संकेत है। लेकिन डॉक्टरों का कुछ और ही मानना है। ज्यादातर मामलों में आप फड़कना किसी भविष्य की घटना का संकेत नहीं होता बल्कि यह शरीर में कोई न्यूट्रीशन की कमी को दर्शाता है। मेडिकल भाषा में से eye twitching भी कहा जाता है।

आमतौर पर यह समस्या कुछ सेकंड की ही रहती है और खुद ही ठीक हो जाती है लेकिन अगर लंबे समय तक eye twitching या आंख फड़कती है तो इस चीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए बल्कि डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ज्यादा जरूरी है। तनाव या नींद की कमी इसके सबसे बड़े कारण है आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव और नींद की कमी बहुत ही ज्यादा आम बात है।

बहुत कम लोग हैं जो 8 घंटे से ज्यादा या 8 घंटे तक सो पाते हैं। ज्यादातर लोगों को सोने में बहुत तकलीफ होती है कुछ नींद की गोलियां खाते हैं या कुछ लोगों की बीच-बीच में आंख ही खुलती रहती है। ज्यादा मोबाइल चलाना और लैपटॉप का इस्तेमाल करना भी आंख फड़फड़ाने में एक बहुत बड़ा कारण है। ज्यादा स्क्रीन एक्स्पोज़र से आंखों में थकान आती है और आंखें सूखने लगती है उनकी मांसपेशियों में भी कमजोरी महसूस होती है। और यही इसका सबसे बड़ा कारण है कि आज की लोगों में आंख फड़कने की समस्या ज्यादा देखी जाती है।

डॉक्टर का यह भी मानना है ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन करना भी आंख फड़फड़ाने में एक बहुत बड़ा रोल प्ले करता है। जवाब चाय या कॉफी पीते हैं उसमें मौजूद कैफीन ए आंखों की मांसपेशियों को हल्का करता है और पलक क फड़कने लगती है ऐसे में कैफीन का सेवन थोड़ा काम ही करना चाहिए और इसी में फायदा है।

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ऐसा भी माना जाता है कि शरीर में कुछ पोषक तत्व की कमी की वजह से भी आंखें ज्यादा फड़कती है। जैसे पोटेशियम या विटामिन b12 की कमी से आंखों का फड़कना ज्यादा होता है। फिर भी यह ज्यादातर लोगों में नहीं देखा जाता लेकिन अगर हर समय बार-बार होता है तो डॉक्टर से सलाह लेना और जांच करवाना ही फायदेमंद है।

एलर्जी और ड्राई आई की समस्या कई लोगों की आंखें बहुत जल्दी सुख जाती है। लेकिन अगर यह कहीं दोनों या हफ्तों तक लगातार बनी रहे तो पूरे चेहरे में और आंखों पूरी तरह बंद होने लगती है। अगर आंखों में लगातार सूखापन महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह लेना ज्यादा अच्छा रहता है।
लोगों को तब सतर्क होने की ज्यादा जरूरत है जब उनका आंख फड़कना बंद ही नहीं होता। आंख फड़कना कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन तब भी यह न्यूट्रिशन की कमी को दर्शाता है।

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इस समस्या से बचने का कुछ छोटा सा हाल है वह यह कि अगर आपकी आंख बार-बार फड़क रही है तो सबसे पहले अच्छे से नींद ले। स्ट्रेस कम करने की कोशिश करें अपना स्क्रीन टाइम घटाएं। हर 20 30 मिनट बाद आंखों को कुछ सेकंड का आराम दें। ज्यादा चाय या कॉफी ना पिए। और अच्छे से पानी पिए। इन सब के बाद भी समस्या आ रही है तो डॉक्टर की जांच लेना और सलाह लेना ज्यादा अच्छा रहता है।