एक ही शहर में अलग तापमान: कहीं ज्यादा तो कहीं कम गर्मी, क्या है इसका कारण?

दिल्ली का बढ़ता तापमान ला रहा है बढ़ती समस्याएँ, राजधानी के क्षेत्रों पर दिख रहे अलग अलग टेम्परेचर, एक ओर भारी लू तो दूसरी ओर राहत दिखने को मिली। क्या है आखिर इसका रहस्य?

दिल्ली का तापमान हर जगह अलग-अलग दिखाई दे रहा है। इस बार मई की गर्मी में दिल्ली का तापमान पहुँच गया 60 डिग्री तक, दिल्ली में गर्मी के मौसम का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है, तेज धूप की चपेट दिन के 2 बजे से 6 बजे तक सीमित रहने लग गई है। 78% क्षेत्र गंभीर हीट स्ट्रेस में है जिसका सीधा प्रभाव झुग्गी झोपड़ी वालों से लेकर स्ट्रीट वेंडर और मजदूर तक सहने को मिल रहा है। क्या गर्मी करेगी अभी और भी परेशान या मिलेगी राहत?

राजधानी दिल्ली में अलग-अलग क्षेत्रों में भयंकर गर्मी का आगाज़ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसी के बीच अलग-अलग जगहों पर तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शहर के एक हिस्से में तेज़ लू के साथ बेहद ऊँचा तापमान दर्ज किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों में गर्मी के तापमान में नरमी देखी जा रही है। हाल ही में यह पुष्टि की जा रही है कि इलाकों में पेड़-पौधों की संख्या में अंतर होने के कारण तापमान में विभिन्न क्षेत्रों में अंतर दिखाई दे रहा है।

पिछले कुछ दिनों में दिल्ली की भीषण गर्मी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है, खासकर उन लोगों को जो आम तौर पर बाहर काम करने जाते हैं। CSE ने हीट मैप जारी करते हुए कहा है कि अभी तो जून शुरू भी नहीं हुआ और कई इलाकों का लैंड सरफेस टेम्परेचर 60 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच चुका है।

CSE का हीट मैप क्या बता रहा है?

हाल ही में CSE ने अपनी हीट माप की रिपोर्ट में यह बताया है कि जहाँ माप पर लाल और नारंगी रंग दिखाई दें, वहां तापमान बहुत ज्यादा है, यानी लाल और नारंगी रंग 53 से 60 डिग्री सेल्सियस को दर्शाते हैं, वहीँ दूसरी ओर पीले और हल्के हरे रंग वाले इलाके ठंडे माने जा रहे हैं। मैप के अनुसार दिल्ली का कुल सतही तापमान 48.55 डिग्री सेल्सियस माना जा रहा है।

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गर्मी का क्या असर पड़ रहा है

यह स्थिति केवल पर्यावरण को नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती का कारण बन रही है। लोगों के बीच डीहाइड्रेशन के कारण बेहोश होने के मामले तेजी से बढ़ते नजर आएंगे। गर्मी की लू के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल साबित हो रहा है। कई जगहों पर हीट स्ट्रोक के मामलों भी बढ़ते हुए मिल रहे हैं। किसान और मजदूर दोनों ही प्रभावित हैं, कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के लोग अब दो मौसमों से जूझ रहे हैं जिसका नुकसान मजदूर, किसान, गरीब, बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों पर बढ़ता जा रहा है।

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गर्मी जैसे विषय पर सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ रहे हैं, अभी सरकार का मुख्य मकसद चेतावनी पैदा करना है जिससे लोगों को जानकारी मिल सके और कुछ घंटों के लिए बाहरी गतिविधियों पर रोक भी लगाई जा रही है। कुल मिलाकर गर्मी पर काबू पाने के लिए दोनों दिल्लीवासियों और सरकार को कदम उठाने पड़ रहे हैं ताकि नियमित रूप से गर्मी पर रोक लगाकर गर्मी को कम किया जा सके।