यूपी के 40 जिला अस्पताल में शुरू होंगे मेडिकल पीजी कोर्स 153 सीटों पर मिलेगा दाखिला। उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है अब राज्य के 40 जिला अस्पतालों में भी पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इन अस्पतालों को नेशनल बोर्ड का एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस से मान्यता मिलने के बाद यहां खोलो 153 डिप्लोमेट का नेशनल बोर्ड सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। डीएनबी डिग्री को MD और MS समकक्ष माना जाता है इसलिए यह मेडिकल छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
अब तक पीजी मेडिकल शिक्षा मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेज और तक सीमित थी लेकिन जिला अस्पतालों में डीएनबी कोर्स शुरू होने से न केवल छात्रों को अधिक सीट मिली बल्कि आम लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टर को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगे सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना और स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर उत्सव तक मजबूत बनाना है।
इन 40 जिला अस्पतालों में विभिन्न विशेषज्ञ वाले विभागों में डीएनबी कोर्स संचालित किए जाएंगे इनमें मेडिसिन जनरल सर्जरी एनेस्थीसिया बाल रोग,स्त्री, दृष्टि रोग, रेडियोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिला अस्पतालों में पीजी कोर्स शुरू होने से डॉक्टर को प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक मरीजों के साथ काम करने का अधिक अवसर मिलेगा। इससे उनकी व्यावहारिक समझ और क्लीनिकल अनुभव बेहतर होगा साथ ही ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
डीएनबी कोर्स में प्रवेश राष्ट्रीय पात्रता से प्रवेश परीक्षा यानी NEET PG के माध्यम से होगा। परीक्षा में सफल उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए इन सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। डीएनबी डिग्री पूरे देश में मान्य होती है और इस मद या एस के बराबर महत्व दिया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का मान्य है कि यह पहला राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कहीं जिला अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को बड़ी शहरों के मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है। पीजी कोर्स शुरू होने के बाद प्रशिक्षण डॉक्टर भी अस्पतालों में सेवाएं देंगे जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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इसके अलावा जिला अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण प्रयोगशालाएं और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा इससे अस्पतालों की बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सरकार लंबे समय से चिकित्सा शिक्षा को जिला स्तर तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही थी जिसे आप तेजी से लागू किया जा रहा है।
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चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जो में सीमित पीजी सीटों के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में योग्य छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में जिला अस्पतालों में 153 नहीं सीट शुरू करने से छात्रों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
साथ ही राज्य में प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी जिसका सीधा लाभ स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा।
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यह पहला उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है जिला अस्पतालों में पीजी मेडिकल शिक्षा शुरू होने से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी मरीजों को स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ इलाज मिलेगा और मेडिकल छात्रों के लिए भी बेहतर प्रशिक्षण एक कैरियर के नए अवसर प्राप्त होंगे।





