भारत में मानसून की सक्रियता इस वर्ष कुछ ऐसी है कि कुछ शहरों में सूखा अकाल पड़ा रहा तो कुछ शहर पूरे जलमग्न हो गए। हिमाचल प्रदेश की मॉनसूनी बारिश ने हिमाचल में रहने वाले लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अभी भी हिमाचल में मानसून का केहर जारी है जिसके कारण लैंडस्लाइड हो रही है।
राज्य आपदा संचालन केंद्र के अनुसार पिछले 24 घंटों में बारिश के कारण प्रदेश में 98 सड़कें बंद, 107 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए और 37 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। 31 अगस्त को सुबह 10 बजे जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 30 अगस्त शाम तक 64 सड़कें, 226 ट्रांसफॉर्मर और 9 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। इसके बाद 31 अगस्त सुबह तक सड़कें बंद होने का आंकड़ा बढ़कर 98 हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि हिमाचल का जिला स्तर पर मंडी में सबसे अधिक खतरा बना हुआ है जहां 48 सड़के बंद पड़ी है और 89 से भी अधिक ट्रांसफार्मर्स बंद हो गए है। वहीं दूसरे क्षेत्रों में भी भीषण बारिश ने लोगों को प्रभावित किया है।
चंबा में 15 सड़कें और 5 ट्रांसफॉर्मर, कुल्लू में 16 सड़कें, सोलन में 4 सड़कें और 5 ट्रांसफॉर्मर, सिरमौर में 5 सड़कें तथा शिमला में 2 सड़कें बंद हैं। कांगड़ा में 7 और ऊना में 4 सड़कें भी प्रभावित हैं। बारिश के कारण पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। हमीरपुर में 37 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं।
| जिला | क्षेत्र | बंद सड़कें |
|---|---|---|
| मंडी | सराज क्षेत्र | 23 |
| मंडी | थलौट क्षेत्र | 9 |
| मंडी | सरकाघाट क्षेत्र | 3 |
| मंडी | गोहर क्षेत्र | 2 |
| मंडी | मंडी क्षेत्र | 2 |
| मंडी | धर्मपुर क्षेत्र | 2 |
| मंडी | सुंदरनगर क्षेत्र | 1 |
| मंडी | करसोग क्षेत्र | 1 |
| कुल्लू | विभिन्न क्षेत्र | 16 |
| चंबा | विभिन्न क्षेत्र | 15 |
| सिरमौर | नाहन क्षेत्र | 5 |
| शिमला | रामपुर क्षेत्र | 1 |
| शिमला | सुन्नी क्षेत्र | 1 |
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कई लोग उतरे मौत के घाट
हिमाचल की मूसलाधार बारिश ने अभी तक कई लोगों की जान ले ली है। बता दें कि इस साल जून के महीने से 30 अगस्त तक हिमाचल के मानसून में 104 लोगों की जान चली गई है। यह मौत बारिश के कारण उत्पन्न हुई प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई है जबकि 149 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।
प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़, लैंडस्लाइड के कारण हिमाचल के शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर के कई क्षेत्रों में लोगों ने अपनी जानें गवाईं है।
प्राकृतिक आपदाओं में मौतें
| जिला | मौतें |
|---|---|
| शिमला | 16 |
| कांगड़ा | 16 |
| सिरमौर | 14 |
| चंबा | 13 |
| मंडी | 10 |
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सड़क हादसों में मौतें
| जिला | मौतें |
|---|---|
| सिरमौर | 19 |
| शिमला | 19 |
| ऊना | 18 |
| चंबा | 17 |
| कांगड़ा | 17 |
| कुल्लू | 16 |
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इसके अलावा परिवहन प्रभावित हुआ है, लगातार बारिश के कारण शिमला-कालका छोटी लाइन पर चलने वाली 10 ट्रेन रद्द कर दी गई हैं। सोलन जिले में रेलवे पटरी के एक हिस्से के आसपास की मिट्टी बह जाने के बाद यह फैसला लिया गया। इस स्थिति को देखते हुए रेलवे ने शनिवार रात से इस मार्ग पर चलने वाली ‘टॉय ट्रेन’ का संचालन रोक दिया गया। शिमला रेलवे स्टेशन के अधीक्षक संजय गेवर ने बताया कि रविवार को कालका और शिमला के बीच चलने वाली 10 ट्रेन को रद्द कर दिया गया है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अगले चार तक भीषण की चेतावनी IMD ने दी है। मौसम विभाग ने हालातों को देखते हुए हिमाचल में येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम से हल्की से मध्यम बारिश हो रही है।





