ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना काफी ज्यादा है पीएम मोदी की पुतिन से भी होगी अहम मुलाकात। सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार कहीं मायने में खास रहने वाला है। इस सम्मेलन मैं चीन के राष्ट्रपति में जिनपिंग के भारत आने की संभावना बताई जा रही है अगर उनका दौरा तय होता है तो पिछले कहीं वर्षों में भारत और चीन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाओं में से एक होगा।
उसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सबी द्विपक्ष बैठक होने की उम्मीद है। इस सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीख रहमान को भी आमंत्रित किया गया है। भारत इस बार ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
दुनिया की कई बड़े देशों के नेता इस सम्मेलन में शामिल होंगे। सभी की नजर चीन के राष्ट्रपति के संभावित भारत दौरे पर टिकी हुई है पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्ते में कहीं उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं खासकर सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव बढ़ गया है। हालांकि हाल ही के महीने में दोनों देशों ने बातचीत के जरिए रिश्ते को बेहतर बनाने की दिशा में कहीं कदम उठाए हैं।
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यदि जिनपिंग भारत आते हैं तो उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी हो सकती है इस दौरान सीमा विवाद व्यापार निवेश क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे कहीं मुद्दे पर चर्चा होने के संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत और चीन के संबंधों में नई शुरुआत का रास्ता खोल सकती है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात प्रस्तावित है। भारत और रूस लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रहे हैं दोनों देशों के बीच सुरक्षा ऊर्जा परमाणु सहयोग व्यापार और तकनीक जैसे कहीं क्षेत्र में मजबूत संबंध है माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों नेता इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे और भविष्य के सहयोग की नहीं योजनाओं पर भी विचार करेंगे।
इस सम्मेलन में भारत में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीख रहमान को भी आमंत्रित किया है हालांकि बांग्लादेशी की और से अभी तक निमंत्रण को लेकर अंतिम फैसला नहीं आया है। यदि वे सम्मेलन में शामिल होते हैं तो भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार सीमा प्रबंधन कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषय पर भी बातचीत हो सकती है।
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ब्रिक्स दुनिया के प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश का समूह है। इसमें ब्राजील रूस भारत चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हाल के वर्षों में कहीं नए सदस्य देवी शामिल हुए हैं। इस मंच का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना है वैश्विक व्यापार को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीतिक तैयार करना है।
नई दिल्ली में होने वाले यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें दुनिया के कहीं बड़े नेताओं के एक साथ आने की बहुत बड़ी संभावना है ऐसे आयोजनों से न केवल देश के बीच आपसी संबंध मजबूत होते हैं बल्कि वैश्विक राजनीतिक और अर्थव्यवस्था से जुड़े कहीं अहम फैसले पर भी चर्चा होती है।
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भारत के लिए यह सम्मेलन अपनी वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है यदि शी जिनपिंग व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेता इसमें शामिल होते हैं तो वह भारत की कूटनीतिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है। आने वाले दिनों में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कौन-कौन से नेता सम्मेलन में शामिल होंगे और इन बैठक में से क्या बड़े फैसले निकल कर सामने आते हैं।





