कलयुग के दिनों को देख कर हर कोई पहले अपनी भलाई के बारे में ही सोचता है और किसी की भी मदद करने से पहले कतराता है। ऐसी ही एक मामला सामने आ रहा है, जो मध्यप्रदेश में स्थित भिंड जिले में हुई हत्या के बारे में बताता है जहां कार की EMI और आर्थिक बोझ से बचने के लिए दामाद ने अपने भाई के साथ मिलकर ससुर की हत्या की साजिश रच दी।
पहले जांच में हत्या को हादसा बता कर पुलिस और अन्य लोगों को गुमराह किया गया। इस हादसे की रिपोर्ट मौ थाना क्षेत्र में पहली बार 20 जुलाई को अतर सिंह जाटव की मृत्यु के मामले में दर्ज की गई थी।
क्या है पूरा मामला ?
पुलिस के मुताबिक 22 जुलाई की सुबह मौ थाना क्षेत्र की एक पुलिया के नीचे अतर सिंह जाटव (45) का शव बरामद हुआ था। घटना की सूचना मृतक के दामाद बबलू जाटव ने ही पुलिस को दी थी। प्रारंभिक जांच में गले पर निशान मिलने से गला दबाकर हत्या की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहर सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।
जांच के दौरान मृतक के परिजनों और जान-पहचान वालों से कॉल लॉग चेक की गई और लोकेशन, अन्य मोबाइल नंबरों की जांच की गई तो पता चला कि मृतक के छोटे भाई विजय सिंह और उनके दामाद बबलू जाटव लगातार एक साथ लोकेशन मिली।
दोनों की लोकेशन ट्रैक करने के बाद पता चला कि दोनों ससुर दामाद की लोकेशन मृतक के आस पास पाई गई, आस-पास के लोगों और मृतक के गांव वालों से पूछताछ में पता लगा कि दोनों भाइयों के बीच कई महीनों से अनबन चल रही थी।
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आगे की पूछताछ में पता चला कि दामाद बबलू जाटव ने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उसने करीब 8 महीने पहले अपने ससुर अतर सिंह के नाम पर ढाई लाख रुपये की सेकंड हैंड कार ली। जांच में पता चला कि बबलू को वह कार की EMI हर महीने 9 हजार रुपये जमा करनी पड़ती थी।
धीरे-धीरे यह नौ हजार रुपये उसे भारी लगने लगे थे और आर्थिक दबाव में आकर बबलू ने अपने चाचा ससुर के साथ मिलकर साजिश रची और अतर सिंह का हत्याकांड रचा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उन्हें पहले जहर दिया गया और फिर उसके बाद गला घोटकर हत्या कर दी।
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गाड़ी की डिक्की से निकलकर शव पुल के नीचे फेंका
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार की डिक्की में छिपाकर रखा। रात में आवाजाही अधिक होने के कारण शव को ठिकाने नहीं लगाया जा सका। इस दौरान वे दंदरौआ धाम भी गए और दिनभर शव कार में ही रखा रहा। देर रात शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।
संदेह से बचने के लिए अगले दिन दामाद ने स्वयं पुलिस को शव मिलने की सूचना दी। पुलिस ने अतर सिंह के दामाद और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए गए हैं।





