जम्मू-कश्मीर में आतंकी खतरे को देखते हुए सरकार ने क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि दो आतंकी हमलों के बाद दक्षिण से उत्तर तक पूरी कश्मीर घाटी हाई अलर्ट पर है। दक्षिण कश्मीर में हाल ही में हुए दो आतंकी हमलों और खुफिया जानकारी के बाद, दक्षिण से उत्तर तक पूरी कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
खुफिया अधिकारियों की टीम के पास खबर आई है कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर पर आतंकी हमले होने की संभावनाएं हैं। हाल ही में अधिकारियों ने बताया है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय ध्यान को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) से हटाकर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा है। जिससे आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें: धरती आबा योजना में 36 लाख की गड़बड़ी का मामला, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक साथ तीन चुनौतियां
जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंक को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को 3 चुनौतियों का सामना करना पढ़ रहा है। एजेंसियों ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी चुनौती आतंकी हमलों को रोकना है, दूसरी चुनौती हाल ही में चल रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और तीसरी है स्वतंत्रता दिवस के जश्न को सभी सुरक्षा के साथ मानना।
हाल ही में हुए दो हमलों में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी में तैनाती बढ़ा दी है, खासकर भीड़ वाले बाजारों और लाल चौक जैसी बड़े केंद्रों जैसी संवेदनशील जगहों पर।
यह भी पढ़ें: PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नाबालिग के खिलाफ फिलहाल नियमित FIR नहीं, दिल्ली पुलिस का बड़ा अपडेट
घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा
हाई अलर्ट के बाद श्रीनगर, बारामूला, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और अन्य संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आने जाने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही है और छोटी से छोटी गतिविधि पर नजर रखने के लिए पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बल संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। कई इलाकों में रात के समय गश्त भी बढ़ा दी गई है।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर भी सुरक्षा जारी
अमरनाथ तीर्थ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एजेंसियों ने तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। यह कई परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था जम्मू में भगवती नगर बेस कैंप से लेकर पहलगाम और बालटाल के बेस कैंपों और पवित्र गुफा मंदिर तक फैली हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) – जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है – ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और इसी तरह के हमले जारी रखने की धमकी दी है।
यह भी पढ़ें: झारखंड आंदोलन में शामिल होंगे अभिजीत दीपके, बताया किस बात का है इंतजार
इसके अलावा कुलगाम में हुए हमले की भी जांच जारी है, सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि इस अटैक को लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन्स जारी किये जा रहे है और सारे एविडेंस पर भी काम किया जा रहा है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में पुलवामा और बारामूला के जिलों में दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को पकड़ा गया है जिसमें हथियार, गोला-बारूद और देश विदेश के मैप भी बरामद किए गए हैं।
आतंकी खतरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, CRPF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के बीच कनेक्शन बढ़ाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दें।





