उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 1 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर अपने साथ काम करने का प्रस्ताव सामने रखा है। बताया जा रहा है कि पहले सुनील शुक्ला को जून 2026 में भ्रष्टाचार के आरोप के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
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क्या था बर्खास्त का कारण ?
बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी के लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने मई 2026 में सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित भ्रष्टाचार से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किए थे। जारी किए गए वीडियो में उन्होंने आरोप लगाए थे कि पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर गार्ड कमांडरों तक रिश्वतखोरी की एक श्रृंखला सक्रिय है। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को ‘काले अंग्रेज’ बताते हुए पुलिसकर्मियों के शोषण के भी आरोप लगाए थे।
सुशिल कुमार बैच 2015 के पुलिसकर्मी थे अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित प्योर रामसेवक मिश्र के रहने वाले और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात सुनील शुक्ला को जून 2026 में सेवा में हटा दिया गया था। आरोप लगाने के बाद जब सुशिल पुख्ता सौबत नहीं पेश कर पाए तब उनको अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन पर सस्पेंड कर दिया गया था।
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काले अंग्रेज वाले बयान से चर्चा में आए थे सुनील शुक्ला
सुनील शुक्ला उस वक्त अचानक सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने एक वीडियो में कुछ अधिकारियों को “काले अंग्रेज” बताते हुए कहा था कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने और दूसरी व्यवस्थाओं के नाम पर वसूली की जाती है। उनके इन आरोपों ने पूरे विभाग में हलचल मचा दी थी और मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने पूरे मामले की जांच कराई। बाद में विभागीय कार्रवाई करते हुए सुनील शुक्ला को अनुशासनहीनता और सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया गया। वहीं शुक्ला लगातार यह दावा करते रहे कि उन्होंने जो कुछ कहा, वह पुलिस व्यवस्था में मौजूद खामियों को सामने लाने के लिए कहा था।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति व्यवस्था की कमियों को उजागर करने की कीमत चुका रहा है, तो समाज का दायित्व है कि वह उसका साथ दे। उन्होंने सुनील शुक्ला को अपने यहां कार्य करने का निमंत्रण देते हुए एक लाख रुपये प्रति माह वेतन देने की बात कही। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।




