क्या आप भी चाय की शौकीन हैं? क्या आपकी भी सुबह की नींद खुलने के बाद चाय की प्याली की तलब उठती है ? वैसे चाय सिर्फ सुबह की शुरुआत नहीं बल्कि रोज़ की जिंदगी का हिस्सा है। मूड ठीक नहीं है तो चाय पीलो, सिरदर्द कर रहा है तो चाय पीलो, कब्ज़ हो रही है चाय पीलो। भारतीय घर में हर चीज का समाधान चाय ही होती है।
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क्या आपको पता है कि भारत में रोज़ाना लगभग 120 करोड़ कप चाय पी जाती है, और सुबह के समय ही करोड़ों घरों में चाय बनती है। अनुमान है कि करीब 40 प्रतिशत वयस्क रोज़ सुबह और शाम चाय पीते हैं, यानी लगभग 40 करोड़ लोग सुबह की चाय ज़रूर बनाते हैं।

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टी बोर्ड ऑफ़ इंडिया के एक सर्वे के मुताबिक देश के करीब 88 प्रतिशत घरों में चाय पी जाती है और करीब 64 प्रतिशत आबादी चाय का सेवन करती है। सुबह का समय हो और रसोई से चाय की खुशबू न आए, ऐसा बहुत कम घरों में होता है। अब जरा सोचिए, अगर इसी चाय को कप में डालते ही बिना इंतजार किए पीने की आदत हो तो? कई लोगों को चाय इतनी गर्म पसंद होती है कि उससे भाप निकल रही हो और पहली चुस्की लेते ही जीभ तक जल जाए। यही आदत सेहत के लिए चिंता की वजह बन सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर रिसर्च एजेंसी IARC ने 65 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान पर पिए जाने वाले बहुत गर्म पेय को इंसानों के लिए “संभावित रूप से कैंसरकारी” यानी ग्रुप 2A में रखा है।अब ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका मतलब यह नहीं है कि 65 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म चाय की एक-दो चुस्की लेने से कैंसर हो जाएगा। IARC ने खुद स्पष्ट किया है कि उपलब्ध शोध से यह तय नहीं किया जा सकता कि कितनी मात्रा या कितने साल तक बहुत गर्म पेय पीने से कैंसर होगा। चिंता लंबे समय तक बहुत गर्म पेय पीने की आदत को लेकर है।
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65°C से ऊपर की चाय को लेकर जानें 8 जरूरी बातें
- बहुत गर्म चाय से बचें: 65°C से ज्यादा तापमान वाली चाय को बहुत गर्म पेय माना जाता है। ऐसी चीजों को लंबे समय तक पीने की आदत भोजन नली के कैंसर के खतरे से जुड़ी पाई गई है।
- चाय नहीं, उसकी गर्मी ज्यादा चिंता की बात है: यहां बात चाय के होने की नहीं, बल्कि उसे बहुत ज्यादा गर्म पीने की है। चाय पीना बंद करने की जरूरत नहीं है, उसे बहुत गर्म पीने से बचना जरूरी है।
- मुंह जल रहा है तो चाय अभी गर्म है: अगर पहला घूंट लेते ही जीभ, तालू या मुंह जलने लगे तो समझिए चाय पीने लायक ठंडी नहीं हुई है। कुछ देर रुककर पीना बेहतर है।
- एक-दो बार गर्म चाय पीने से कैंसर नहीं होता: 65°C का आंकड़ा देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। रिसर्च में चिंता लगातार और लंबे समय तक बहुत गर्म पेय पीने की आदत को लेकर है।
- चाय को थोड़ा ठंडा होने दें: चाय बनते ही कप उठाकर पीने के बजाय कुछ मिनट इंतजार करें। तापमान कम होने पर इसे पीना बेहतर तरीका है।
- कॉफी और सूप पर भी यही बात लागू होती है: मामला सिर्फ चाय तक सीमित नहीं है। बहुत गर्म कॉफी, सूप या दूसरे पेय भी इसी तरह परेशानी पैदा कर सकते हैं।
- बहुत गर्म पेय भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकते हैं: बार-बार ज्यादा गर्म चीजें पीने से भोजन नली की अंदरूनी परत पर गर्मी का असर पड़ सकता है। लंबे समय में इसी वजह से जोखिम बढ़ने की बात सामने आई है।
- चाय छोड़ने की जरूरत नहीं है: सुबह की चाय आपकी रोज की आदत है तो उसे छोड़ने के बजाय बस थोड़ा ठंडा करके पीने की आदत डालें। छोटी-सी सावधानी से बहुत गर्म पेय से जुड़े जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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चाय के साथ ये गलती न करें
कई लोग चाय कप में आते ही उसे जल्दी-जल्दी पीना शुरू कर देते हैं। अगर चाय बहुत गर्म है तो यह आदत ठीक नहीं है। गर्म चाय को कुछ समय ठहरने दें और धीरे-धीरे पिएं। खासकर अगर चाय पीते समय बार-बार मुंह जलता है, तो यह आदत बदलना जरूरी है।
एक और बात ध्यान रखने वाली है कि बहुत गर्म पेय को लेकर IARC की चिंता सिर्फ चाय तक सीमित नहीं है। बहुत गर्म कॉफी, सूप या दूसरे पेय भी इसी श्रेणी में आ सकते हैं। IARC ने कहा है कि उपलब्ध सबूतों में पेय का तापमान ज्यादा महत्वपूर्ण नजर आता है।
यहां एक बात जानना जरूरी है कि 65°C से ज्यादा गर्म चाय से बढ़ सकता है कैंसर का रिस्क का मतलब यह नहीं है कि 65°C से ऊपर की चाय पीते ही कैंसर हो जाएगा। बात यह है कि बहुत ज्यादा गर्म चाय या दूसरे पेय को लंबे समय तक पीने की आदत भोजन नली को बार-बार गर्मी से नुकसान पहुंचा सकती है। IARC ने 65°C से ज्यादा गर्म पेय को भोजन नली के कैंसर के संभावित बढ़े जोखिम से जोड़ा है।
यानी चाय पीना छोड़ना जरूरी नहीं है। बस चाय को इतना गर्म न पिएं कि पीते समय मुंह या जीभ जलने लगे। थोड़ी देर इंतजार करके तापमान कम होने दें, फिर चाय पिएं।





