नवरात्रि के व्रत में मखाना खाते हैं तो जानिए इसके 10 फायदे और नवरात्रों की 5 स्पेशल रेसिपी ।

नवरात्रि के व्रत में मखाना एक लोकप्रिय फलाहार है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ प्रोटीन, फाइबर और मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं। कम तेल में भुना मखाना तले हुए स्नैक्स का अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पेट भरा महसूस कराने, संतुलित खानपान में पोषण जोड़ने और स्नैकिंग की आदत को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

Palak Gupta

17 अक्टूबर 2026

1 min read
नवरात्रि के व्रत में मखाना खाते हैं तो जानिए इसके 10 फायदे और नवरात्रों की 5 स्पेशल रेसिपी ।

नवरात्रि का व्रत हो या शाम की हल्की भूख, मखाना कई घरों में पसंदीदा स्नैक बन चुका है। कभी इसे घी में भूनकर खाया जाता है, तो कभी दूध में डालकर खीर बनाई जाती है। कुछ लोग इसे वजन घटाने वाली डाइट का हिस्सा मानते हैं, जबकि कई लोग इसके पोषण गुणों के कारण रोजाना खाते हैं। लेकिन क्या मखाना सच में इतना फायदेमंद है और क्या इसे जितना चाहें उतना खाया जा सकता है?

मखाना पानी में उगने वाले पौधे Euryale ferox के बीजों से तैयार किया जाता है। इसे फोड़कर हल्का और कुरकुरा बनाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होते हैं, साथ ही कुछ प्रोटीन, फाइबर और खनिज भी मिलते हैं। सादा या कम तेल में भुना मखाना चिप्स और दूसरे तले हुए स्नैक्स के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकता है।

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मखाने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

मखाने की पोषण संबंधी मात्रा उसकी किस्म, प्रोसेसिंग और उसे तैयार करने के तरीके पर निर्भर करती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के अलावा प्रोटीन, थोड़ी मात्रा में फाइबर और मैग्नीशियम, पोटैशियम व फॉस्फोरस जैसे खनिज पाए जा सकते हैं। सादा मखाना स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-मुक्त भी होता है।

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मखाना खाने के 10 हेल्थ बेनिफिट्स

  • शरीर को ऊर्जा देने में मदद

मखाने में कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत हैं। इसलिए व्रत के दौरान इसे हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, अगर आप दिनभर बहुत कम खा रहे हैं, तो सिर्फ मखाना खाने से शरीर की सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होंगी।

  • प्रोटीन से मिलता है पोषण

मखाने में पौधों से मिलने वाला प्रोटीन होता है। यह शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन इसकी एक सामान्य सर्विंग से मिलने वाला प्रोटीन सीमित होता है, इसलिए इसे दाल, दूध, दही, पनीर या अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोतों का पूरा विकल्प नहीं मानना चाहिए।

  • फाइबर पाचन के लिए उपयोगी

मखाने में मौजूद फाइबर रोजाना के कुल फाइबर सेवन में योगदान दे सकता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया और मल त्याग को सामान्य बनाए रखने में भूमिका निभाता है। हालांकि, मखाना अकेले कब्ज का इलाज नहीं है। पर्याप्त पानी, फल, सब्जियां और दूसरे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ भी जरूरी हैं।

  • वजन संभालने में मददगार स्नैक

अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो सादा या कम तेल में भुना मखाना तले हुए चिप्स और नमकीन की जगह लिया जा सकता है। इसकी हल्की बनावट के कारण यह कुरकुरा स्नैक खाने की इच्छा को पूरा कर सकता है।

लेकिन एक बात याद रखें कि मखाना खाने से अपने आप वजन कम नहीं होता। इसे ज्यादा घी, तेल, चीनी या गुड़ के साथ खाने और जरूरत से ज्यादा मात्रा लेने पर कुल कैलोरी बढ़ सकती है। वजन घटाने के लिए पूरे दिन के खानपान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।

  • संतुलित खानपान में दिल की सेहत को सहारा

सादा मखाना स्वाभाविक रूप से कम वसा वाला होता है और इसमें कुछ खनिज भी पाए जाते हैं। इसे तले हुए, ज्यादा नमक वाले स्नैक्स की जगह खाने से संतुलित खानपान अपनाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि मखाना अकेले कोलेस्ट्रॉल कम करता है या दिल की बीमारी से बचाता है। दिल की सेहत के लिए कुल खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, नींद और दूसरी जीवनशैली की आदतें भी अहम हैं।

  • मैग्नीशियम और दूसरे खनिजों का स्रोत

मखाने में मैग्नीशियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे खनिज मिलते हैं। ये शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में भूमिका निभाते हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के कामकाज में मदद करता है, जबकि फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी है।

हालांकि, मखाने की सामान्य मात्रा से इन खनिजों की पूरी दैनिक जरूरत पूरी नहीं होती। इसके लिए विविध और संतुलित भोजन जरूरी है।

  • एंटीऑक्सिडेंट यौगिक भी मौजूद

मखाने में कुछ ऐसे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि देखी गई है। एंटीऑक्सिडेंट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले कुछ अणुओं के प्रभाव से बचाव में भूमिका निभाते हैं।

लेकिन मखाना खाने से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया रुकने या किसी बीमारी का इलाज होने जैसे दावों के लिए पर्याप्त मानवीय शोध उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे संतुलित भोजन का हिस्सा मानना बेहतर है, चमत्कारी खाद्य पदार्थ नहीं।

  • ग्लूटेन से परहेज करने वालों के लिए विकल्प

मखाना स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-मुक्त होता है। इसलिए गेहूं में मौजूद ग्लूटेन से परहेज करने वाले लोग इसे स्नैक के रूप में चुन सकते हैं।

हालांकि, पैकेट वाले फ्लेवर्ड मखाने में इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण के दौरान दूसरी चीजों के संपर्क की जानकारी देखना जरूरी है। सीलिएक बीमारी वाले लोगों को पैकेट पर मौजूद ग्लूटेन संबंधी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

  • व्रत के दौरान फलाहार में विविधता

व्रत में कई लोग साबूदाना, आलू या तले हुए पकवान ज्यादा खाते हैं। ऐसे में सादा भुना मखाना फलाहार में एक अलग विकल्प हो सकता है। इसे कम तेल में भूनकर या दूध में डालकर खाया जा सकता है।

अगर आप पूरे दिन सिर्फ मखाना, आलू और साबूदाने पर निर्भर रहते हैं, तो भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ सकता है। फल, दूध, दही और व्रत में अनुमत दूसरे खाद्य पदार्थों को भी अपनी जरूरत के अनुसार शामिल करें।

  • कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल

मखाने का एक फायदा यह भी है कि इसे अलग-अलग तरह से खाया जा सकता है। आप इसे सादा भून सकते हैं, हल्के मसालों के साथ तैयार कर सकते हैं या खीर और सब्जी में डाल सकते हैं।

लेकिन व्यंजन का तरीका इसके पोषण पर असर डालता है। ज्यादा घी में भुना मखाना, चीनी वाली खीर या ज्यादा नमक वाला पैकेटबंद स्नैक सादे मखाने से अलग होगा। इसलिए स्वाद के साथ सामग्री और मात्रा पर भी ध्यान दें।

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नवरात्रि में बनाने वाली स्पेशल मखाना रेसिपी

1. मखाना खीर

  • सामग्री: मखाना, दूध, चीनी या मिश्री, इलायची पाउडर, बादाम, काजू और थोड़ा घी।
  • विधि: घी में मखानों को भून लें। इन्हें हल्का दरदरा पीसें। दूध उबालकर उसमें मखाने डालें और धीमी आंच पर पकाएं। गाढ़ा होने पर चीनी, इलायची और कटे हुए मेवे डालें। 2-3 मिनट पकाकर परोसें।
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2. क्रिस्पी रोस्टेड मखाना

  • सामग्री: मखाना, घी, सेंधा नमक, काली मिर्च और भुना जीरा पाउडर।
  • विधि: कड़ाही में थोड़ा घी गर्म करें। मखाने डालकर धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक भूनें। जब मखाने कुरकुरे हो जाएं, तो सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा पाउडर मिलाएं।
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3. मखाना आलू चाट

  • सामग्री: मखाना, उबले आलू, घी, सेंधा नमक, काली मिर्च, नींबू और हरा धनिया।
  • विधि: मखानों को घी में कुरकुरा भून लें। उबले आलू के छोटे टुकड़े काटें और मखानों के साथ मिलाएं। सेंधा नमक, काली मिर्च और नींबू का रस डालें। ऊपर से हरा धनिया डालकर सर्व करें।

4. मखाना पनीर करी

  • सामग्री: मखाना, पनीर, टमाटर, अदरक, घी, सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाले मसाले।
  • विधि: मखानों को हल्का भूनकर अलग रख लें। टमाटर और अदरक की प्यूरी तैयार करके घी में पकाएं। इसमें सेंधा नमक और जरूरत के अनुसार पानी डालें। अब मखाना और पनीर मिलाकर कुछ मिनट पकाएं। इसे व्रत के अनुकूल कुट्टू या सिंघाड़े की रोटी के साथ खा सकते हैं।

5. मखाना मिल्कशेक

  • सामग्री: मखाना, दूध, खजूर या थोड़ी मिश्री, इलायची और बादाम।
  • विधि: मखानों को घी में हल्का भूनकर ठंडा करें। इन्हें दूध, खजूर या मिश्री और इलायची के साथ मिक्सर में ब्लेंड करें। ऊपर से कटे हुए बादाम डालकर ठंडा-ठंडा परोसें।
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मखाना व्रत के दौरान खाने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ प्रोटीन, फाइबर और खनिज मिलते हैं। सादा या कम तेल में भुना मखाना तले हुए स्नैक्स की जगह लिया जा सकता है, लेकिन इसे हर बीमारी का इलाज या वजन घटाने का जादुई तरीका नहीं समझना चाहिए। खरीदते समय पैकिंग, ताजगी, सामग्री और पोषण लेबल की जांच करें और घर पर इसे सूखी जगह पर रखें।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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