नवरात्रि सिर्फ नौ दिनों तक चलने वाला त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, शक्ति और नई शुरुआत का उत्सव है। इन दिनों घरों में जलते दीपक, मंदिरों में गूंजते दुर्गा सप्तशती के पाठ, लाल चुनरी में सजी मां दुर्गा की प्रतिमा और भक्तों के चेहरे पर दिखती श्रद्धा एक अलग ही माहौल बना देती है। कोई व्रत रखकर मां का आशीर्वाद मांगता है, तो कोई कन्या पूजन के जरिए बेटियों के सम्मान का संदेश देता है।
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नवरात्रि का समय आते ही घरों में साफ-सफाई, पूजा की तैयारी और व्रत के लिए जरूरी सामान जुटाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कोई मां दुर्गा की चौकी सजाने की तैयारी करता है, तो कोई घटस्थापना के लिए कलश, नारियल और जौ खरीदता है। ऐसे में अगर पूजा की सामग्री की पूरी लिस्ट पहले से तैयार हो, तो न सिर्फ समय बचता है, बल्कि आखिरी समय में होने वाली भागदौड़ भी कम हो जाती है।
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। पहले दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा की परंपरा है। इसलिए अगर आप घर में पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो जरूरी सामान पहले ही जुटा लें।

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नवरात्रि पूजा के लिए ये 21 सामान पहले ही खरीदकर रख लें
| नंबर | पूजा का सामान | किस काम आएगा और क्यों जरूरी है? |
|---|---|---|
| 1 | मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति | पूजा स्थल पर मां दुर्गा की स्थापना और नौ दिनों तक उनकी आराधना करने के लिए। |
| 2 | पूजा की चौकी | मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति रखने के लिए। पूजा शुरू करने से पहले चौकी को साफ करके उस पर कपड़ा बिछाया जा सकता है। |
| 3 | लाल या पीला कपड़ा | पूजा की चौकी सजाने और माता रानी की तस्वीर या मूर्ति के नीचे बिछाने के लिए। |
| 4 | लाल चुनरी | मां दुर्गा को चुनरी अर्पित करने और पूजा में श्रृंगार सामग्री के रूप में इस्तेमाल करने के लिए। |
| 5 | कलश | नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के लिए। इसे पूजा की विधि और पारिवारिक परंपरा के अनुसार स्थापित किया जाता है। |
| 6 | नारियल | कलश स्थापना के दौरान और पूजा में अर्पित करने के लिए। पूजा के लिए ताजा और साबुत नारियल चुनें। |
| 7 | आम या अशोक के पत्ते | कलश को सजाने के लिए। अपनी पूजा पद्धति में इस्तेमाल होने वाले पत्तों की व्यवस्था पहले से कर लें। |
| 8 | जौ के दाने | नवरात्रि के पहले दिन जौ बोने की परंपरा निभाने के लिए। इसके लिए साफ मिट्टी और एक पात्र की भी जरूरत होती है। |
| 9 | साफ मिट्टी और मिट्टी का पात्र | जौ बोने और नवरात्रि के दौरान उनके अंकुरित होने की प्रक्रिया देखने के लिए। |
| 10 | गंगाजल | पूजा की परंपराओं के अनुसार धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल करने के लिए। इसे साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें। |
| 11 | रोली और कुमकुम | तिलक लगाने और पूजा के दौरान इस्तेमाल करने के लिए। इन्हें छोटी डिब्बियों में पहले से रख सकते हैं। |
| 12 | अक्षत यानी साबुत चावल | पूजा में अर्पित करने और विभिन्न धार्मिक रस्मों में इस्तेमाल करने के लिए। इसके लिए साफ, साबुत चावल रखें। |
| 13 | मौली या कलावा | पूजा के दौरान धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस्तेमाल करने और कलश पर बांधने के लिए। |
| 14 | सुपारी | पूजा सामग्री के रूप में इस्तेमाल करने के लिए। जरूरत के अनुसार कुछ साबुत सुपारी पहले से खरीदकर रख लें। |
| 15 | सिक्का | कलश स्थापना की कुछ पूजा विधियों में कलश के अंदर सिक्का रखने की परंपरा होती है। इसके लिए साफ सिक्का रख सकते हैं। |
| 16 | फूल और फूलों की माला | मां दुर्गा को फूल अर्पित करने और पूजा स्थल को सजाने के लिए। फूल और माला पूजा के दिन ताजा खरीदना बेहतर है। |
| 17 | दीपक, रुई की बत्ती और घी या तेल | पूजा के दौरान दीप जलाने और आरती करने के लिए। अगर अखंड ज्योति जलानी है, तो अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त सामग्री रखें और आग से सुरक्षा का ध्यान रखें। |
| 18 | धूपबत्ती और कपूर | पूजा और आरती के दौरान इस्तेमाल करने के लिए। इन्हें सूखी जगह पर रखें और जलाते समय आसपास ज्वलनशील सामान न रखें। |
| 19 | पूजा की थाली और घंटी | पूजा की सामग्री व्यवस्थित रखने और आरती के दौरान इस्तेमाल करने के लिए। पूजा से पहले थाली और घंटी को अच्छी तरह साफ कर लें। |
| 20 | फल, मिठाई और नारियल का प्रसाद | मां दुर्गा को भोग लगाने और पूजा के बाद प्रसाद बांटने के लिए। अपनी पूजा परंपरा के अनुसार फल और मिठाई चुनें। |
| 21 | हवन सामग्री | अष्टमी या नवमी पर हवन करने की परंपरा निभाने के लिए। हवन करने की योजना है, तो अपनी पूजा विधि के अनुसार सामग्री पहले से तैयार रखें। |
नवरात्रि के पहले दिन कई घरों में घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाती है। इसके लिए कलश, साफ पानी, गंगाजल, नारियल, आम या अशोक के पत्ते, मौली, रोली, अक्षत और सिक्का जैसी चीजें काम आती हैं। अगर आपके घर में जौ बोने की परंपरा है, तो जौ के दाने, साफ मिट्टी और एक पात्र भी पहले से रख लें।
नवरात्रि की खरीदारी करते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
पहले घर में मौजूद सामान देख लें: खरीदारी पर जाने से पहले पूजा की अलमारी और मंदिर में रखी सामग्री जांच लें। हो सकता है कि कलश, थाली, घंटी या दीपक पहले से मौजूद हों।
2. पूजा सामग्री की लिस्ट बना लें: ऊपर दी गई सूची में से अपनी जरूरत का सामान चुनें और खरीदने के बाद उस पर निशान लगाते जाएं।
3. ताजा सामान बाद में खरीदें: फूल, माला, फल और प्रसाद जैसी चीजें पूजा के नजदीक खरीदें, ताकि वे ताजा रहें।
4. जौ बोने की तैयारी पहले कर लें: अगर आपके घर में जौ बोने की परंपरा है, तो जौ के दाने, मिट्टी और पात्र समय रहते जुटा लें।
5. अपने घर की पूजा विधि को प्राथमिकता दें: अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं। इसलिए जरूरी सामग्री की अंतिम सूची अपनी पारिवारिक रीति के अनुसार तय करें।
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नवरात्रि के इन पावन दिनों में मां दुर्गा की पूजा करते समय बस इतनी-सी बात याद रखें कि सच्ची भक्ति केवल मंदिर में सिर झुकाने से नहीं, बल्कि अपने कर्मों और व्यवहार से भी दिखाई देती है। मां दुर्गा की शक्ति हमें सिखाती है कि मुश्किलों के सामने हार नहीं माननी चाहिए, अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और हर परिस्थिति में अच्छाई का साथ देना चाहिए।





