भारतीय जहाज़ों पर हुई घटनाक्रमों को अहम मुद्दा मानते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे फ्रांस में हो रही G7 समिट के वर्किंग सेशन पर इस घटना का उल्लेख किया। फ्रांस की एवियन में यह 52 वें G7 समिट पर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हुए नरेंद्र मोदी ने यह फैसला लिया कि देश की सुरक्षा का उल्लेख करते व स्ट्रेटऑफ़ होरमुज़ पर हो रहे घटनाक्रमों के बारे में भी बात करेंगे।
G7 के इस सेशन का मुख्य मुद्दा ही वैश्विक स्तर पर सुरक्षा है। सभी देशों में शांति का संतुलन बना रहे इसलिए यह समिट को अंजाम दिया गया। इसके अलावा वैश्विक राजनीतिओ की तरफ भी नज़र डालने का प्लान इस सेशन में होता है , भारत लगातार ग्लोबल लेवल पर अपनी आवाज़ मजबूत करते दिख रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार G7 समिट केवल नॉर्मल सेशन नहीं बल्कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्था का समूह है जिससे ग्रुप ऑफ़ सेवन की बैठक भी कहा जाता है। इस समिट में अलग अलग देश के रिप्रेजेंटेटिव्स या मंत्री कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात-चीत करते है। इस वर्ष भारत के प्रधानमंत्री भी इस गड़ना में पहुंचे और अपना विषय भी रखा।
नरेंद्र मोदी का चिंताजनक विषय यह है कि स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ जो की दुनिया का सबसे जरुरी ट्रांसपोर्टेशन रूट है उसमे निरन्तर अस्थिरता ही नहीं बल्कि अलग अलग देशों की अर्थव्यवस्था को उथल-पुथल कर दिया है। वैश्विक तेल सप्लाई का एक अहम मार्ग पर यदि इतनी कठिनाई आएगी तो इसका डायरेक्ट इम्पेक्ट कच्चे तेल के दामों पर पड़ेगा जिसके कारण पूरी इकॉनमी हिल जाएगी।

इसके अलावा मीटिंग के पहले दिन ही मोदी ने हाल ही में हुए होरमुज़ स्ट्रेट पर भारतीय जहाज हमले का विवरण करते हुए कहा इस जगह पर भारतीय सैनिको ने अपनी जान भी गवाई है जिससे ऐसे सेंसिटिव इलाके पर सुरक्षा और कठोर होनी चाहिए। इसी दौरान अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी इस सेशन में मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी चर्चा हुई। कुछ दिनों में निवेश व राजनैतिक साझेदारी से भी जुड़े किस्से सामने आ सकते है।
Had a very good meeting with my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan. We discussed India-UAE ties across sectors and ways to further energise our Comprehensive Strategic Partnership. Once again expressed gratitude to him and the UAE Government for the care and… pic.twitter.com/mleTUqbRfC
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
G7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने यूएई, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं के साथ बैठक कीं। भारत ने सभी देशों के प्रति संगठन दिखाते हुए कहा कि भारत हमेशा से वन अर्थ , वन फ्यूचर पर काम किया है इसलिए स्ट्रेट ऑफ़ होरमुर्ज़ जैसे सेंसिटिव इलाके पर सुरक्षा पर सावधानी बरतने का यह वैश्विक मुद्दा उठाना सभी के लिए जरुरी है इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर यह विकल्प लगाने चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
भारत का यह डिसीजन न सिर्फ मुसीबत का हल करेगा बल्कि वैश्विक सुरक्षा की ओर कड़ा कदम बढ़ने की सोच को भी उत्साहित करेगा जिसके की ग्लोबल टेंशन में भी नरमी आएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि यह भी बनती है की वैश्विक निर्णयों में भारत की भागीदारी भी है।







