1. श्रद्धा कपूर के दमदार बयान ने बटोरी सुर्खियां, कृति सेनन और आलिया भट्ट पड़ीं फीकी
बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘ईथा‘ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। टीजर में श्रद्धा एक लोक कलाकार के दमदार किरदार में नजर आ रही हैं और उनका संवाद “नाचते हुए मरी, तो मिसाल बन जाऊंगी” लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस श्रद्धा के इस अलग और गंभीर अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस फिल्म को श्रद्धा कपूर के करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक माना जा रहा है। टीजर देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि श्रद्धा का यह अवतार हाल के दिनों में चर्चा में रहीं कई बड़ी फिल्मों और अभिनेत्रियों पर भारी पड़ता दिख रहा है।
2. सीजफायर के बाद फिर भड़की हिंसा, इजरायली हमले में लेबनान में 18 लोगों की मौत
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते से मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन ये उम्मीद ज्यादा देर टिक नहीं सकी। लेबनान-इजरायल सीमा पर एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इजरायल ने दावा किया है कि उसके सैनिकों पर हुए हमलों और हिज्बुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।
3. पाकिस्तान में रिश्तेदारी में शादी के बढ़ते मामलों पर वैज्ञानिकों की चेतावनी, जानिए पूरा मामला
पाकिस्तान में कजिन मैरिज का चलन दशकों से काफी आम है। लेकिन अब वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी ने इस पर चिंता जताई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि एक ही परिवार के भीतर पीढ़ियों तक लगातार होने वाली शादियों की वजह से बच्चों में आनुवंशिक (Genetic) बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि इस विषय पर वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर दोनों के जीन में कोई दुर्लभ या दोषपूर्ण बदलाव मौजूद हो, तो उसके बच्चों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इससे जन्मजात विकार, सुनने-देखने की समस्याएं, रक्त संबंधी बीमारियां और कुछ अन्य दुर्लभ जेनेटिक डिसऑर्डर के मामले बढ़ सकते हैं।
4. NEET पेपर की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट, मध्य प्रदेश में सेना जैसी निगरानी में रखा गया प्रश्नपत्र
पेपर लीक विवाद के बाद इस बार सरकार और NTA कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रश्नपत्रों को सुरक्षित और गोपनीय स्थानों पर रखा गया है, जहां तक सीमित अधिकारियों की ही पहुंच है। पेपर की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग, कड़ी निगरानी और विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त है कि प्रश्नपत्रों की ढुलाई और सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है। कई जगहों पर सी आर पी एफ ( CRPF ) की तैनाती की गई है, जबकि प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
5. बेगूसराय गैंगरेप मामले में पीड़िता की देवरानी ने बताई घटना की दर्दनाक आपबीती
बेगूसराय गैंगरेप केस की दर्दनाक कहानी सुनकर लोगों की रूह कांप रही है। अब पीड़िता की देवरानी ने उस रात की आपबीती बताई है, जिसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।अब पीड़िता की देवरानी ने उस खौफनाक रात की कहानी बताई है। परिवार का आरोप है कि महिला को घर के बाहर से जबरन उठाया गया, उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और मुंह भी कपड़े से बंद कर दिया गया। चिल्लाने पर उसके शरीर पर ब्लेड से वार किए गए। इसके बाद उसे सुनसान जगह ले जाकर दरिंदगी की गई। पीड़िता की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद महिला लगातार दर्द से तड़पती रही। बाद में दोबारा मेडिकल जांच में ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को और भयावह बना दिया। इस बीच मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है।
6. तेजप्रताप यादव विवादों में, अनुष्का के भाई ने घर में घुसने के आरोप में कराई FIR
तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला उनकी कथित गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के परिवार से जुड़ा है। अनुष्का के भाई आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि तेज प्रताप उनकी बहन की बेटी से मिलने के लिए जबरन घर में घुस आए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, तेज प्रताप यादव ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत तौर पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
7. ईरान में महिला सिंगर को 74 कोड़ों की सजा, बिना हिजाब परफॉर्मेंस के बाद लगा 2 साल का बैन
ईरान की चर्चित गायिका को एक बार फिर अपने पहनावे और प्रदर्शन की वजह से सजा का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिना हिजाब सार्वजनिक मंच पर गाना गाने के मामले में उन्हें 74 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। इतना ही नहीं, उन पर दो साल तक देश छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह मामला 2024 में हुए एक परफॉर्मेंस से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें वह स्लीवलेस ड्रेस पहनकर मंच पर नजर आई थीं। इस सजा को लेकर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। मानवाधिकार संगठनों ने फैसले पर चिंता जताते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है।
8. पशु चिकित्सा शिविर में 167 पशुओं का हुआ मुफ्त उपचार, जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में पशुपालकों को बड़ी राहत मिली। शिविर के दौरान कुल 167 पशुओं का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। पशु चिकित्सकों की टीम ने बीमार पशुओं को दवाएं उपलब्ध कराईं और उनकी देखभाल से जुड़ी जरूरी सलाह भी दी। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं को लेकर पहुंचकर सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर पशुपालकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोष के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण से पशुओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
9. कोरोना की उत्पत्ति को लेकर नया दावा, तुलसी गबार्ड बोलीं- Wuhan लैब को मिले थे अमेरिकी फंड
कोरोना महामारी की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। चीन के वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ़ विरोलॉजी ( Wuhan Institute of Virology ) को अमेरिकी फंडिंग मिली थी। उनके बयान के बाद कोविड-19 की उत्पत्ति और लैब लीक थ्योरी को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गबार्ड का कहना है कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से ऐसे शोध कार्यों को समर्थन मिला, जिन पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे पर वैज्ञानिक समुदाय और अमेरिकी एजेंसियों के बीच लंबे समय से अलग-अलग राय रही है। कुछ रिपोर्ट्स में लैब लीक की संभावना का जिक्र किया गया है, जबकि कई वैज्ञानिक अब भी वायरस की प्राकृतिक उत्पत्ति को अधिक संभावित मानते हैं।कोविड-19 की शुरुआत को लेकर अब तक कोई सर्वमान्य निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में गबार्ड का यह बयान एक बार फिर उस बहस को हवा दे रहा है, जो महामारी शुरू होने के बाद से लगातार जारी है।
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10. 1.5 करोड़ के फ्लैट में रहने वाले परेशान, भारी वाटर बिल के बाद भी नहीं मिल रहा साफ पानी
करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले एक रिहायशी प्रोजेक्ट के निवासियों का आरोप है कि वे हर महीने भारी-भरकम वाटर बिल चुका रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें साफ और पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता खराब होने के कारण उन्हें पीने और घरेलू इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का कहना है कि प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट में रहने के बावजूद उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।








