बिना सैलरी भी अरबों की कमाई, रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी की आय का बड़ा खुलासा

Palak Gupta

10 जून 2026

देश के सबसे बड़े और जाने-माने अरबपति रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी एक बार फिर से ऊचाईयाँ छूते नजर आ रहे हैं, इस बार कारण उनका अनोखा कमाई का तरीका है। कहा जा रहा है कि मुकेश अंबानी ने फिर से लगातार छठे साल सैलरी नहीं ली लेकिन फिर भी कहलाई जाते हैं दुनिया के 22वें सबसे बड़े करोड़पति।

मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) से लगातार छठे साल भी कोई सैलरी नहीं ली है। यह फैसला उन्होंने पहली बार 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लिया था, जिसे उन्होंने अब तक जारी रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने वर्ष 2025-26 में लगातार छठे साल भी कोई सैलरी नहीं ली।

इस समय उनकी कमाई का मुख्य जरिया कंपनी से मिलने वाला डिविडेंड  ही है। लेकिन कहा जा रहा है कि सैलरी में बदलाव न होने के बावजूद भी दुनिया के जाने-माने अरबपति कैसे हैं, उनकी कमाई में अभी भी किसी तरह का असर नहीं दिख रहा है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी ने अपनी हिस्सेदारी के जरिए करीब 3,996 करोड़ का डिविडेंड कमाया है।

दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमोटर ग्रुप की करीब 50% हिस्सेदारी है, जिससे कंपनी द्वारा घोषित डिविडेंड का बड़ा हिस्सा अंबानी परिवार को मिलता है। मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोरोना की महामारी के दौरान देश के सामाजिक और आर्थिक हालात पर पड़े भयानक असर को देखते हुए अपनी पूरी सैलरी छोड़ने का फैसला किया था। उन्होंने तय किया था कि जब तक रिलायंस के सभी बिजनेस अपनी पूरी कमाई की क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, तब तक वह कोई सैलरी नहीं लेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2025-26 में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का कुल प्रॉफिट लगभग 95,754 रुपये करोड़ रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। ये सक्सेस टेलीकॉम (जियो), रिटेल और एनर्जी बिजनेस में मजबूत ग्रोथ की वजह से मिल पाई। कहा जाता है कि अभी तक का यह रिलायंस का सबसे अच्छा कमबैक था। अगर उनकी नेट वर्थ की बात करें, तो अनुसार मुकेश अंबानी की संपत्ति में उतार-चढ़ाव देखा गया है।

2026 में उनकी नेटवर्थ करीब 90–100 अरब डॉलर (लगभग ₹7.5–8 लाख करोड़) के आसपास आंकी गई है। वैश्विक रैंकिंग में वह दुनिया के करीब 22वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं, हालांकि कुछ दिनों पहले ही उनकी रैंकिंग में थोड़ी गिरावट भी दर्ज की गई है। यहाँ तक कि यह भी बताया जाता है जहाँ एक तरफ मुकेश अंबानी 6 वर्षों से सैलरी नहीं लेते हैं वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्री के अन्य अधिकारियों को पीएफ, कमीशन, या बोनस लगातार मिलते रहते हैं। जो कि यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड सिर्फ कंपनी की नीतियों का ध्यान नहीं रखती बल्कि व्यक्तिगत सोच को अंजाम देने में भी सक्षम है।

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