मेरठ की निकिता की सफलता की कहानी, नौकरी छोड़ शुरू किया अपना कारोबार, अब ‘लो जी खाओ’ को बना रहीं बड़ा ब्रांड

Palak Gupta

29 जून 2026

नौकरी की दुनिया में स्टार्टअप से सिर्फ दो पहिये से आसमान छूने वाली निकिता सोशल मीडिया की मदद से लोगों के पास तक पहुंच गयी। ग्रेजुएशन के बाद ही नौकरी से इस्तीफा देकर पहुंची एंटरप्रेन्योर बनने, निकिता ने अपनी अच्छी जॉब छोड़ कर स्कूटी पर कोल्ड कॉफी बेचने का फैसला किया। दरअसल ग्रेजुएशन के साथ-साथ निकिता ने ‘लो जी खाओ’ नाम से अपना क्लाउड किचन शुरू किया।

क्लाउड किचन के बाद उन्होंने सोचा कि लोगों को उनकी कोल्ड कॉफी का टेस्ट पहुंचने के लिए स्कूटी को अपना चलता-फिरता स्टोर बना लिया। वह रोज स्कूटी पर कोल्ड कॉफी का सारा सामान लेकर चलती और लोगों को कोल्ड कॉफी वहीं पर बनाकर सर्व करती थी। शुरुआत में उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे यह दो पहिये उनका हौसला बन गए थे और उनकी स्कूटी उनका विश्वास।

शुरुआती दिनों में उम्मीद के मुताबिक ग्राहक नहीं मिले थे लेकिन थोड़े दिनों के बाद से ही लोग उन्हें जानने लगे और उनकी कोल्ड कॉफी का स्वाद उन्हें बहुत सटिस्फीइंग लगने लगा, गुज़रते दिनों से साथ उनके कस्टमर बढ़ते गए और लोगों का अच्छा रिस्पांस देखने को मिला। ग्राहकों को इनकी कोल्ड कॉफी का स्वाद इतना अच्छा लगा कि उन्होंने अपने दोस्तों और जानने वालों को भी रेफर किया।

निकिता ने किसी बड़ी दुकान या कैफे से शुरुआत नहीं की। उन्होंने अपनी स्कूटी को ही चलती-फिरती कॉफी शॉप बना दिया। अपने स्टार्टअप की शुरुआत उन्होंने सबसे पहले IIMT के सामने अपना स्टोर लगाया था उनका मानना था कि कॉफ़ी सबसे ज्यादा युथ को पसंद है तो शुरुआत वहीं से की जाए हालांकि उन्हें अनुमति से जुड़ी समस्याएं आने लगीं। इसके बाद उन्होंने दूसरी जगह तलाश कर दी थी। कई दिनों बाद उनके जानकार ने अपने जिम के नीचे जगह दिलाई जहां वे अभी भी अपना स्टॉल लगाती है।

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सोशल मीडिया ने बदल दी किस्मत

निकिता का कहना है कि एक सोशल मीडिया पर पोस्ट हुई रील ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। उन्होंने कहा कि एक दिन वह अपने स्टोर पर कॉफी बना रही थी उसी वक्त उनके दोस्त ने मजाक-मजाक में उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डालने के लिए कहा। निकिता को इस बात का बिलकुल अंदाजा नहीं था कि उनकी एक रील मिलियन व्यूज को छू जाएगी। लाखों लोगो ने उनकी रील देख कर कमेंट में उन्हें प्रोत्साहित और सपोर्ट किया।

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शुरुआत में परिवार वाले थे स्कूटी स्टाल से अपरिचित

निकिता ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने अपने परिवार वालों को इस स्कूटी स्टाल के बारे में कुछ नहीं बताया क्योंकि उन्हें मालूम था की माता-पिता कभी भी इसकी इजाज़त नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि “मेरे घर में किसी ने कभी ऐसा काम नहीं किया, इसलिए मुझे लगा कि अगर पहले ही बता दूंगी तो मना कर देंगे। इसलिए उन्होंने चोरी छुपे यह स्टॉल लगाया हालांकि उन्होंने कहा कि उनके मम्मी-पापा अभी भी इसके बारे में नहीं जानते है और परिवार में सिर्फ बड़े भाई को पता है।

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‘लो जी खाओ’ को बनाना चाहती हैं बड़ा ब्रांड

निकिता का सबसे बड़ा सपना है कि वह अपने ब्रांड ‘लो जी खाओ’ को एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित करें। वह आगे जाके नए आउटलेट खोलने, मेन्यू बढ़ाने और फ्रेंचाइज़ मॉडल पर भी काम करने का सोच रहीं है। निकिता कहती हैं कि हर नया काम शुरुआत में मुश्किल लगता है। अगर आइडिया पर भरोसा हो और लगातार मेहनत की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।