भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज है। रिलायंस की गुडविल मार्केट में बहुत ज्यादा है इस कंपनी को एक अच्छी कंपनी के तौर पर देखा जाता है लेकिन हाल फिलहाल में ही कुछ ऐसा हुआ कि इसकी रेपुटेशन थोड़ी सी नीचे चली गई है। इस बार वजह कंपनी का कोई नया कारोबार या इन्वेस्टमेंट नहीं बल्कि SEBI की ओर से जारी की गई प्रशासनिक चेतावनी है। यह मामला इनसाइडर ट्रेडिंग का है ऐसा कहा जा रहा है कि रिलायंस में UPSI लीक हो चुका है।
अगर हम इनसाइडर ट्रेडिंग की बात करें तो यह वह प्रक्रिया है जहां पर लोग अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसेटिव इनफॉरमेशन यानी कि UPSI, अगर आम भाषा में कहे तो कुछ ऐसी इनफॉरमेशन जो कंपनी के स्टॉक मार्केट को अफेक्ट कर सकती है। जब कंपनी का कोई इंपॉर्टेंट व्यक्ति या उससे जुड़े हुए लोग इस यूपीएसआई को लीक कर देते हैं यानी दूसरे लोगों को बता देते हैं जिससे स्टॉक में चेंज भी आ सकते हैं।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे सेबी की ओर से एक चेतावनी पत्र मिला है यह चेतावनी कंपनी के दो कर्मचारियों को और एक कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार द्वारा किए गए शेयर कारोबार से संबंधित है। जांच में सभी ने पाया कि इन लोगों ने उस समय रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर में ट्रेडिंग कि जब उनके पास ऐसी गोपनीय जानकारी मौजूद थी जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई थी इसे सभी के इंसाइड ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन माना गया।
हालांकि इस मामले से समझना जरूरी है कि सभी ने फिलहाल केवल प्रशासनिक चेतावनी ही जारी की है ना की कोई जुर्माना लगाया है और ना ही कारोबार या संचालन पर किसी प्रकार की रोक लगाई है यह बस एक चेतावनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्पष्ट किया है कि इस चेतावनी को कंपनी बहुत अच्छे से देखेगी और आगे से ऐसी चीज दोबारा नहीं होगी।
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कंपनी ने यह भी कहा है कि भविष्य में वह नियमों का और अच्छे से पालन करेगी और इस नियमों को स्ट्रिक्टली फॉलो करेंगे। इंसाइड ए ट्रेडिंग अगर आम भाषा में कहें तो किसी कंपनी से जुड़े अधिकारी कर्मचारी या अन्य संबंधित व्यक्ति को कोई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी पहले से पता होती है जो आम इन्वेस्टर के लिए उपलब्ध नहीं होती उदाहरण के लिए किसी बड़े निवेश नतीजा या किसी महत्वपूर्ण व्यावसायिक फैसले की जानकारी यदि किसी आम इन्वेस्टर को मिल जाए या किसी आम व्यक्ति को मिल जाए जिसको यह इनफॉरमेशन शेयर खरीदने या बेचने में मदद करें किसे कहते हैं इनसाइडर ट्रेडिंग।

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रिपोर्ट के अनुसार SEBI ने जून 2024 से अगस्त 2024 के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में हुई ट्रेडिंग की जांच की थी जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ संबंधित व्यक्तियों ने अब प्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी के दौरान कंपनी के शेयर में लेनदेन किया है इसी आधार पर कंपनी ने कंप्लायंस ऑफीसर को प्रशासनिक चेतन चेतावनी जारी की।
शेयर बाजार के रिपोर्टर्स का यह माना जा रहा है कि इस तरह की चेतावनी निवेशकों के लिए एक संकेत होती है कि कंपनियों को अपना इंटरनल कंट्रोल और रुस अच्छे से फॉलो करने चाहिए। इसका अर्थ यह नहीं है कि कंपनी किसी बड़े कानूनी संकट में है यदि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा आते हैं तो SEBI बड़ी कार्रवाई करता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की टॉप कंपनियों में से एक है इसके काफी सारे सेक्टर है जैसे रिटेल डिजिटल सेवाएं और भी बहुत सारी क्षेत्र में इसका बहुत बड़ा कारोबार है। लोग रिलायंस कंपनी को एक ट्रस्ट वर्दी कंपनी समझते हैं और सोचते हैं कि कॉरपोरेट गवर्नेंस और सारी नियमों का पालन हो ही रहा होगा।
कुल मिलाकर यह मामला फिलहाल एक चेतावनी तक ही सीमित है और कंपनी के खिलाफ अभी के लिए कोई फाइन या पेनल्टी से भी द्वारा नहीं लगाई गई फिर भी यह घटना इस बात पर जोर देती है कि शेयर बाजार में इंसाइड ए ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए ताकि इन्वेस्टर का भरोसा बना रहे। आने वाले समय में यह देखना बहुत जरूरी होगा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने इंटरनल कंट्रोल और कंप्लायंस उसको अच्छे से फॉलो करें।