उन्नाव हादसा: 100KM रफ्तार, नशे में चालक और सड़क पर बिछीं लाशें, दर्दनाक मंजर ने दहला दिया

Palak Gupta

2 जुलाई 2026

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे एक परिवार के लिए खोल दिए यमलोक जाने के द्वार, स्लीपर बस ने तेजी से गाड़ी को टक्कर मार दी। गाडी में बैठे आठ में से पांच लोगों की मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत। हमेशा से लोगों को सरकार ट्रैफिक लाइट, स्पीड कंट्रोल, ट्रैफिक पुलिस और कई अन्य रूपों में सचेत करती है। चाहे वो 2 व्हीलर गाड़ी पर हेलमेट पहने के लिए सचेत करना हो या एक्सप्रेसवे या हाईवे पर स्पीड लिमिट और कैमरे से संचालन करना भारत सरकार सभी को लापरवाही से बचने के लिए नियमित डिस्टेंस पर ट्रैफिक नियम का पालन करने का संदेश देती है। क्योंकि अक्सर रोड पर हुई एक छोटी सी लापरवाही लोगों की जान ले सकती है।

यह हादसा भी ट्रैफिक नियम का न पालन करने का उदाहरण है। उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर देवखरी गांव के पास बुधवार को सुबह करीब 5:00 बजे स्लीपर बस के चालक ने सामने से आ रही गाड़ी की धज्जियां उदा दिए। बताया जा रहा है कि चालक नशे में चूर था जिसके कारण उसने अपनी लाइन बदलकर सामने से आ रही गाड़ी को उड़ा दिया।

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क्या है पूरा मामला ?

यह मामला तब का है जब कार में बैठ कर परिवार अपने घर को लौट रहा था और पहुंचने के लिए उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का रास्ता चुना। वहीं दूसरी ओर लखनऊ जा रही स्लीपर बस के ड्राइवर ने नशे में अपनी ड्राइविंग लेन बदलकर गाड़ी की रफ्तार तेज कर गाड़ी को टक्कर मार दी जिसके कारण बस पूरी तरह से पलट गयी। लखनऊ जा रही इस स्लीपर बस में काफी लोग मौजूद थे वहीं कार को इतनी भयंकर टक्कर लगी कि गाड़ी में बैठीमां-बेटी, नाना-नातिन सहित पांच की मौत हो गई।

बस चालक की लापरवाही और नशे में धुत होने के कारण 11 लोग घायल हो गए जिसमे 3 बच्चे भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों को खबर मिलते ही बच्चों वे घायलों को निजी स्वास्थ्य केंद्र में परीक्षण हेतु भेजा गया। हादसे में जिनकी मौत हुई वह संतकबीर नगर और एक गोरखपुर से है। हादसे के बाद बस चालक की आक्रोश से भरे यात्रियों ने जमकर पिटाई की। यात्रियों ने ड्राइवर की हालत इतनी बुरी कर दी थी कि पुलिस ने आते ही उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

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आठ में से पांच की हुई मौके पर मौत

कार के अंदर आठ लोग सवार थे। संतकबीर नगर के थाना खलीलाबाद के गांव तेनुहारी सोयम के विनोद कुमार थे जो मंगलवार शाम 7:30 बजे दोस्त दीपक कनौजिया के साथ उनकी कार से वृंदावन के लिए निकले थे। कार में दीपक की भाभी थाना बखिरा के पाड़िया निवासी प्रिया, बेटी दिव्या, बेटा आर्यन, बेटी अपराजिता और प्रिया के पिता खलीलाबाद के धुनमुन भी थे। प्रिया ने अपनी दोस्त गोरखपुर के थाना पीपीगंज के करतारी की अंजू, बेटी अमृता, बेटा रिद्यांश को भी साथ ले लिया था। अभी सभी उन्नाव के पास पहुंचे ही थे कि यह हादसा हो गया। हादसे में अंजू, उनकी बेटी अमृता और कार चला रहे विनोद की मौत हो गई। वहीं, धुनमुन और उनकी नातिन दिव्या की भी जान नहीं बच सकी।

हादसा इतना दर्दनाक था की कार के चीथड़े उड़ गए थे, मौजूद एयरबैग फटकर अलग हो गए थे और तेज टक्कर के कारण कार में मौजूद लोग सीट के नीचे धंस गए जिसके कारण अमृता का सिर धड़ से अलग हो गया। ARTO अफसर श्वेता वर्मा ने बताया कि बस की क्षमता 55 सवारियों की थी क्षमता न होने के बावजूद भी जबरदस्ती 90 लोगों को बस में फिट किया गया।

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पुलिस अधिकारियों ने जांच में बताया

पुलिस के अनुसार, यह हादसा बांगरमऊ थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब 230वें किलोमीटर के पास हुआ था। यात्रियों ने बताया कि बस 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पार कर चुकी थी। हालांकि सामने से आ रही कार की जानकारी के लिए पुलिस अभी टोल बैरियर व अन्य स्थानों पर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। जहां पर हादसा हुआ है, वहां से सीसीटीवी कैमरा करीब दो किलोमीटर दूर लगा है। मामले की पूरी जांच के बाद जो आरोपी है उसको कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।