जिस तरह से कलयुग आगे बढ़ता जा रहा है ठीक उसी प्रकार जुर्म भी दिन प्रति दिन बढ़ते नजर आ रहे है। ऐसे ही एक शर्मनाक घटना झारखंड के पाकुड़ जिले से आया है। इस हादसे में प्रेम प्रसंग के शक में एक पति और उसके दोस्तों ने मिलकर एक विवाहित महिला व युवक जिस पर संदेह था उनको अर्धनग्न करके पूरे जिले के चक्कर कटवाए।
पति और उसके साथियों ने पत्नी के लाख मिन्नत करने पर भी नहीं मानें और शक की आड़ में उन्हें पकड़कर सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किया। यहीं तक नहीं बल्कि गुस्से में लाल पति ने दोनों के कपड़े फाड़कर उन्हें अर्धनग्न अवस्था में गांव में घुमाया और उनकी वीडियो बनाई। जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से आग पकड़ने लगी तब पास के अमड़ापाड़ा थाने तक खबर पहुंची और तुरंत ही कार्रवाई शुरू कराइ गयी।
मामले के बारे में जानते ही पुलिस अधिकारियों ने जांच शरू कर दी। पुलिस ने सही समय पर जाके पीड़ित पीड़िता को संभाल कर गांव वालों की पकड़ से छुड़ाकर मेडिकल जांच के लिए भेजा। पीड़ित ने यह भी बयान दिया कि उन्हें लाठी से भी मारा गया है। यह मामला थाने के इंचार्ज अनूप रोशन भंगरा और सब‑इंस्पेक्टर चंदन कुमार ने संभाला हुआ है।
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आखिर क्या है पूरा मामला ?
पुलिस जांच के मुताबिक पीड़िता का ससुराल और मायका दोनों ही अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हैं, जबकि युवक साहेबगंज जिले के बोरियो प्रखंड का रहने वाला है। बताया गया कि पति को अपनी पत्नी पर कई हफ़्तों से यह शक था कि उसकी पत्नी और युवक के बीच कुछ आपसी संबंध है। इसी शक के आधार पर उसने ग्रामीणों को उकसाकर यह कांड रचवाया जिसका वीडियो वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जो फोटो सामने आई उसमे लोग बचाने के बजाय चुप-चाप तमाशा देख रहे थे, बताया जा रहा है की जिले के सरपंच भी वहां मौजूद थे लेकिन इस क्रूर व्यवहार को रोकने की शक्ति होने के बाद भी कुछ कर न पाए। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है।
बड़े प्रधान के मौजूद होने के बाद भी न रुका शर्मनाक खेल
यह भी सूचना दी जा रही है कि जिस समय यह कार्य हुआ उसी वक़्त ही जिले के प्रधान को समाचार मिली, लेकिन तब भी प्रधान ने पुलिस अधिकारीयों को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी थी। इसी कारण प्रधान की भूमिका पर लोग सवाल उठा रहे है और पुलिस अधिकारियों ने भी न बताने का स्पष्टीकरण देने को कहा।
दूसरी ओर पंचायत मुखिया साहेबजान टुडू ने मीडिया से कहा कि संविधान किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता और ऐसे मामलों में प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने इस उत्दंड की निंदा कर कहा की जिस प्रकार आदिवासियों में पुरुष का महत्व है और उसकी इज्जत की जाती है उसी तरह औरत की भी इज्जत करनी चाहिए।
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पुलिस ने लगाई धाराएं
पीड़िता के बयान के आधार पर अमड़ापाड़ा थाने में 49/2026 के तहत IT ACT BNS के तहत FIR दर्ज़ की और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करने के बाद पुलिस अधिकारीयों ने मुद्दे की सतह तक पहुंचकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन किया। पुलिस अधिकारीयों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि जल्द ही वे आरोपियों का पर्दाफाश कर उनकी जल्द ही गिरफ़्तारी सुनिश्चित करेंगे।