जंतर-मंतर प्रदर्शन का अंत हो गया है लेकिन प्रदर्शन में शामिल हुए बच्चे अभी भी नुकसान का खामियाजा भुगत रहे हैं। बता दें कि आंसू गैस और लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों को बुरी चोटें लगी थी। कई बच्चों की वीडियो भी तेजी से वायरल हुई थी। उन्हीं में से एक थे साहिल लोचब जिन्होंने बताया था कि उनके ऊपर पुलिस अधिकारीयों ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया था जिसके कारण उनकी आंख में गहरी चोट आई है।
जंतर-मंतर आंदोलन में कथित पैलेट गन से पीड़ित साहिल लोचब के साथ अब राहुल गांधी जुड़ गए है। दरअसल शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे जहाँ उन्होंने पुलिस अधिकारी से मिलकर पेलेट गन इस्तेमाल के मामले में FIR दर्ज कराई ।
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FIR की बात करने के बाद वह थाने से बाहर आये और धरने पर बैठ गए जिसके दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता किसके कहने पर की गई और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए उन्होंने कहा कि क्या अब अमित शाह डर गए। अमित शाह का यह डर दिखा रहा है कि उन्होंने जुर्म किया है और वह उन्हें कबूल है। FIR को जब नहीं लिखा गया तो उन्होंने कहा जब तक FIR नहीं हो जाती वह धरने से नहीं हटेंगे।
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साहिल के मामले को लेकर क्या है विवाद?
साहिल लोचब उन छात्रों में शामिल था जो दिल्ली में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ था। इसी दौरान साहिल को पैलेट गन से चोट लगने की बात सामने आई। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए हैं और कहा कि कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन में 20 जुलाई को पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में पाया गया कि साहिल के शरीर में 250 से अधिक छर्रे है जिसमें से तीन छर्रे सीधे उसकी आंख में लगे हैं जिसके कारण उसकी रोशनी आना मुश्किल है। इसके अलावा उसके दिल के पास भी छर्रे पाए गए हैं। हालांकि राहुल गांधी की शिकायत को नकारते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पेलेट गन चलाए ही नहीं गए थे।
राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस कर्मियों ने FIR दर्ज करने से साफ मना कर दिया है और कहा है कि ऊपर से FIR न दर्ज करने का आदेश मिला है। कांग्रेस का सबसे बड़ा सवाल यही है कि साहिल के मामले में प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पीड़ित की शिकायत को कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज करके जांच आगे बढ़नी चाहिए। राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे को लेकर पुलिस से जवाब मांगा है।





