17 साल बाद पाकिस्तान पहुंचे सीरियाई मंत्री, क्या ‘सुन्नी NATO’ से मांगेंगे इजरायल के खिलाफ मदद?

सीरिया पर इजरायली हमले के बाद उसके विदेश मंत्री पाकिस्तान पहुंचे हैं। ऐसे में मक्का डिफेंस पैक्ट में सीरिया के संभावित जुड़ाव और इजरायल-तुर्की तनाव ने मध्य पूर्व की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

Shakshi Chauhan

21 अगस्त 2026

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17 साल बाद पाकिस्तान पहुंचे सीरियाई मंत्री, क्या ‘सुन्नी NATO’ से मांगेंगे इजरायल के खिलाफ मदद?

मध्य पूर्व में इजरायल, सीरिया और तुर्की के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब पाकिस्तान की भूमिका भी चर्चा में आ गई है। सीरिया के विदेश मंत्री असद हसन अल-शैबानी हाल ही में पाकिस्तान पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब इजरायल ने सीरिया के एक सैन्य ठिकाने पर एयर स्ट्राइक की है और दूसरी तरफ सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच नया संयुक्त रक्षा समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण बदलने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है।

सीरियाई विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क लंबे अंतराल के बाद हुआ है। पाकिस्तान ने सीरिया के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया इस नए रक्षा ढांचे में शामिल होने या किसी रूप में सहयोग करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

इजरायल ने सीरिया के एयरबेस पर क्यों किया हमला?

18 अगस्त को इजरायल ने उत्तरी सीरिया के अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हमला किया। यह ठिकाना अलेप्पो क्षेत्र के आसपास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इजरायल का कहना है कि सीरिया इस बेस पर तुर्की की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रहा था और यह उसकी सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इजरायल ने इसी आशंका के चलते एयरबेस को निशाना बनाया।

सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, हमले से एयरबेस को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने की खबर नहीं थी। हमले के कुछ समय पहले एक तुर्की प्रतिनिधिमंडल के एयरबेस का दौरा करने की भी जानकारी सामने आई है। इससे इजरायल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर बढ़ते रणनीतिक टकराव का संकेत मिलता है।

तुर्की ने इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। अंकारा का कहना है कि सीरिया के पुनर्निर्माण और सुरक्षा में उसका सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए है। अमेरिका भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित है और इजरायल, तुर्की तथा सीरिया के बीच गलतफहमी से सैन्य टकराव रोकने के लिए एक डीकॉन्फ्लिक्शन मैकेनिज्म पर काम कर रहा है।

मक्का डिफेंस पैक्ट से क्यों जुड़ना चाहता है सीरिया?

7 अगस्त को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते में कहा गया है कि किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। हालांकि समझौते में इसकी सैन्य प्रतिबद्धताओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इसी वजह से इसे कई जगह अनौपचारिक तौर पर ‘इस्लामिक NATO’ या ‘सुन्नी NATO’ जैसे नामों से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि इसे सीधे NATO जैसा संगठन कहना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल यह तीन देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण ढांचा है।

सीरिया के लिए इस समूह के साथ जुड़ाव इसलिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि देश लंबे गृहयुद्ध के बाद अपनी सैन्य और आर्थिक व्यवस्था को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। तुर्की पहले ही सीरिया की नई सरकार के साथ सुरक्षा और पुनर्निर्माण के क्षेत्र में सहयोग कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ बढ़ते संबंध दमिश्क को अतिरिक्त रणनीतिक विकल्प दे सकते हैं।

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तुर्की बनाम इजरायल, सीरिया बना नया मैदान

सीरिया में तुर्की की बढ़ती भूमिका अब इजरायल के लिए बड़ी चिंता बनती दिखाई दे रही है। तुर्की सीरिया की नई सरकार का समर्थक है, जबकि इजरायल सीरिया में किसी भी ऐसी सैन्य संरचना को लेकर सतर्क है जो भविष्य में उसके लिए खतरा बन सकती है। अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हमला इसी व्यापक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा माना जा रहा है।

ऐसे में सीरिया का पाकिस्तान की ओर बढ़ना और मक्का डिफेंस पैक्ट में संभावित रुचि मध्य पूर्व की राजनीति को और जटिल बना सकती है। यदि इस रक्षा समूह का विस्तार होता है, तो सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान और संभावित रूप से अन्य देशों के बीच सैन्य सहयोग का दायरा बढ़ सकता है।

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फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीरिया वास्तव में मक्का डिफेंस पैक्ट का हिस्सा बनेगा या केवल सहयोगी भूमिका तक सीमित रहेगा। लेकिन इतना स्पष्ट है कि सीरिया अब मध्य पूर्व की बदलती सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र में आ गया है और इजरायल-तुर्की तनाव ने इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
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Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way

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