TMC की लड़ाई में नया मोड़! ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, ऋतब्रत खेमे को लिफाफा सिंबल

तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न तय कर दिए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है। यह व्यवस्था फिलहाल आगामी उपचुनावों को देखते हुए की गई है।

Palak Gupta

18 सितम्बर 2026

1 min read
TMC की लड़ाई में नया मोड़! ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, ऋतब्रत खेमे को लिफाफा सिंबल

तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के लिए अलग-अलग पहचान तय कर दी है। आयोग के फैसले के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम दिया गया है। इस गुट को चुनाव चिह्न के तौर पर ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का प्रतीक मिला है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस ’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

पुराने नाम और चुनाव चिह्न पर आयोग ने लगाई रोक

यह फैसला चुनाव आयोग के 17 सितंबर को जारी अंतरिम आदेश के बाद आया है। आयोग ने दोनों गुटों को फिलहाल ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था।

आयोग के मुताबिक, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद के बीच दोनों गुटों को एक ही पहचान के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति देने से उम्मीदवारों के नामांकन और मतदाताओं के सामने भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। इसी वजह से आयोग ने दोनों पक्षों को नए नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्न चुनने का निर्देश दिया था।

यह भी पढ़ें: ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका में 12 लाख करोड़ टन बर्फ पिघली, वैज्ञानिकों ने वैश्विक खतरे को लेकर किया आगाह

उपचुनाव से पहले क्यों लिया गया फैसला?

चुनाव आयोग का यह आदेश पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों से पहले आया है। दोनों गुटों ने इन सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

आयोग ने कहा कि अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाना और दोनों गुटों को समान अवसर देना है। आयोग के अनुसार, यदि दोनों पक्ष एक ही नाम और चिह्न का इस्तेमाल करते, तो नामांकन को लेकर कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं पैदा हो सकती थीं।

यह भी पढ़ें: 18 सितंबर News Wrap: सियासत, दुनिया और मनोरंजन की खबरों में आज क्या-क्या बदला?

कैसे शुरू हुआ TMC में विवाद?

TMC के भीतर यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद गहराया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले असंतुष्ट गुट ने पार्टी के संगठन, नाम और चुनाव चिह्न पर दावा पेश किया। इस गुट का कहना है कि उसे पार्टी के निर्वाचित विधायकों के एक बड़े हिस्से का समर्थन हासिल है।

दूसरी ओर, ममता बनर्जी का गुट पार्टी के मूल संगठन और नेतृत्व पर अपना अधिकार कायम रखे हुए है। दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग के सामने दस्तावेज और अपने-अपने दावे पेश किए हैं। आयोग को अब यह तय करना है कि मूल पार्टी के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न पर वैध दावा किस गुट का है।

यह भी पढ़ें: ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग के साथ PM मोदी के रिश्ते कैसे रहे? जानें तीन वैश्विक नेताओं से कूटनीतिक तालमेल की कहानी

अंतिम फैसला अभी बाकी

चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न देना फिलहाल एक अंतरिम व्यवस्था का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आगामी उपचुनावों में चुनावी प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है। तृमूल पार्टी के नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न पर अंतिम अधिकार को लेकर आयोग की विस्तृत प्रक्रिया अभी जारी है। ऐसे में दोनों गुटों के बीच राजनीतिक और कानूनी संघर्ष आगे भी जारी रहने की संभावना है।

Palak Gupta
लेखक परिचय
Palak Gupta
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.