लखनऊ में नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने दवा कारोबारियों पर सख्ती बढ़ा दी है। अमीनाबाद के थोक दवा बाजार में हुई जांच के बाद 14 प्रतिष्ठानों के औषधि लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि 29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
पांच फर्मों के मामलों में अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। यह कार्रवाई उन अनियमितताओं के सामने आने के बाद की गई है, जिनमें कुछ प्रतिष्ठानों पर कागजों में दवाओं की खरीद-बिक्री दिखाने और फर्जी बिलिंग के जरिए कारोबार करने के आरोप हैं।
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जांच में क्रॉस बिलिंग और फर्जी लेन-देन के आरोप
एफएसडीए की जांच में सामने आया कि कुछ फर्मों के बीच दवाओं की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाई जा रही थी। इस तरह की प्रक्रिया को क्रॉस बिलिंग कहा जाता है। इसमें बिलों और रिकॉर्ड में लेन-देन दर्ज होता है, लेकिन दवाओं की वास्तविक आवाजाही नहीं होती।
जांच एजेंसी को आशंका है कि ऐसे लेन-देन का इस्तेमाल नकली दवाओं को वैध आपूर्ति व्यवस्था का हिस्सा दिखाने के लिए किया गया। जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्हें जांच में क्रॉस बिलिंग और नकली दवाओं के कारोबार से जुड़ा पाया गया। वहीं, जिनके लाइसेंस निलंबित हुए, उनके यहां जांच के दौरान अलग-अलग कमियां सामने आईं।
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अगस्त में एफएसडीए की जांच में सामने आया था कि अमीनाबाद से जुड़ी कुछ फर्में कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर नकली और काउंटरफीट दवाएं बाजार में खपा रही थीं। मेसर्स हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा और सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस सहित अन्य फर्मों के खिलाफ 12 अगस्त को थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कुल नौ FIR दर्ज की गई थी।
केसरबाग में भी बिना वास्तविक सप्लाई के क्रॉस बिलिंग से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। विभाग के अनुसार, लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मामले में 32 लोगों के खिलाफ नौ प्राथमिकी दर्ज होने और दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी दी गई है।
जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उनमें हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, राम फार्मा, श्री बांके बिहारी फार्मा, न्यू बाबा फार्मा, छोटा फार्मा, भारत फार्मा, विद्या फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिक्स, एमडीएच फार्मा, श्री राज राजेश्वर एंटरप्राइजेज और सुपरविजन ट्रेडर्स शामिल हैं।
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29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
लाइसेंस निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों में एसएस मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स, ट्रेडमेड इंडिया, मेडट्रास मल्टीवर्स, फार्मा सेल्स, सुखमनी फार्मा, बापू मेडिकल हॉल, अनंत एंटरप्राइजेज, संस्कृति फार्मा, ओम साई राम मेडिकोज, रुद्राक्ष फार्मा और दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स सहित अन्य फर्में शामिल हैं। सूची में भगवती एंटरप्राइजेज, जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, मैक फार्मा, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, आरजी फार्मा, सोनल फार्मा, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल्स, एसकेजी मेडिकल्स, मां अम्बे फार्मा और दूर्वा इंटरनेशनल के नाम भी शामिल हैं।
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अमीनाबाद जैसे बड़े दवा बाजार में एक साथ कई प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई से कारोबारियों के बीच हलचल है। एफएसडीए ने संकेत दिया है कि नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और अलग-अलग फर्मों के बीच लेन-देन की कड़ियां किस तरह जुड़ी हुई थीं।





