देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 24 से 30 अगस्त के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। दिल्ली में मौसम की स्थिति को देखते हुए रेड वार्निंग जारी की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आई है। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली के अलग-अलग जिलों के लिए भी बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है। 25 अगस्त को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश और बिजली चमकने की संभावना बताई गई है।
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में भी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है। एनसीआर के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और अलग-अलग समय पर बारिश होने का अनुमान है। ऐसे मौसम में लोगों को खास तौर पर सुबह और शाम के समय यात्रा करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बनने की संभावना रहती है। लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और जरूरत न होने पर खराब मौसम में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
बिहार और मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हवा की गति काफी तेज हो सकती है, जिससे पेड़ या कमजोर ढांचे गिरने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
बारिश का असर सिर्फ सड़क और यातायात पर ही नहीं पड़ता, बल्कि स्कूल, कार्यालय, बाजार और अन्य रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही भारी बारिश के कारण कई जगह ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। गुरुग्राम में खराब मौसम और जलभराव को देखते हुए कामकाज और स्कूलों को लेकर घर से काम करने जैसी सलाह भी सामने आई है।
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मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बिना जरूरत लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। वाहन चलाते समय धीमी गति रखना, जलभराव वाली सड़कों से दूरी बनाना और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से बचना जरूरी है। लोगों को अपने मोबाइल पर मौसम संबंधी अपडेट देखते रहना चाहिए, ताकि अचानक मौसम खराब होने पर समय रहते सावधानी बरती जा सके।
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फिलहाल देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेकर सावधानी बरतना ही इस खराब मौसम में सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर तरीका है।





