रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और विश्वास का त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए मायके जाती हैं। ऐसे में दूर रहने वाली बहनों के लिए आने-जाने की सुविधा सबसे जरूरी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत देने का फैसला किया है।
सरकार के निर्देश पर 27 और 28 अगस्त को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं और छात्राओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यानी इन दो दिनों में निर्धारित रूटों पर चलने वाली निगम की बसों में पात्र महिलाओं और छात्राओं से किराया नहीं लिया जाएगा।
सरकार की इस पहल से रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाइयों के घर जाने वाली बहनों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर वे महिलाएं जो दूसरे शहरों या गांवों में रहती हैं और त्योहार के लिए अपने मायके जाना चाहती हैं, उनके लिए यह फैसला आर्थिक रूप से भी राहत देने वाला है। आम दिनों में बस से यात्रा करने में किराया देना पड़ता है, लेकिन रक्षाबंधन के इन दो दिनों में महिलाओं और छात्राओं को इस खर्च से राहत मिलेगी।
रक्षाबंधन के समय बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों के घर पहुंचती हैं। इस वजह से त्योहार के आसपास बसों और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इससे उन्हें अपने परिवार के लोगों से मिलने और त्योहार को खुशी के साथ मनाने का मौका मिलेगा।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासन मुख्यालय की ओर से सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। निगम के क्षेत्रीय कार्यालयों के अधीन संचालित बसों में 27 और 28 अगस्त को महिलाओं एवं छात्राओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा निर्धारित रूटों पर चलने वाली निगम की बसों में लागू होगी।
इस फैसले का असर रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड सहित राज्य के कई इलाकों में देखने को मिल सकता है। चेनारी और आसपास के क्षेत्रों से कई महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर सासाराम, भभुआ, कैमूर और अन्य स्थानों पर अपने भाइयों के घर जाने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा उनके लिए काफी मददगार हो सकती है। खासकर गांव और दूर-दराज के इलाकों से आने वाली महिलाओं को इससे आर्थिक बचत के साथ यात्रा की सुविधा भी मिलेगी।
सरकार की इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर जब यातायात का दबाव बढ़ जाता है, तब सरकारी बस सेवा लोगों के लिए उपयोगी साबित होती है। मुफ्त यात्रा की वजह से महिलाओं को निजी वाहन या महंगे साधनों पर अधिक खर्च करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
छात्राओं के लिए भी यह फैसला काफी राहत भरा है। कई छात्राएं त्योहार के अवसर पर अपने घर या परिवार के पास जाती हैं। यात्रा का किराया बचने से उनके परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा। इस तरह सरकार की यह पहल केवल त्योहार की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और छात्राओं को आर्थिक रूप से राहत देने की दिशा में भी एक कदम माना जा सकता है।
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रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह परिवार के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का अवसर भी है। नौकरी, पढ़ाई या दूसरे कारणों से भाई-बहन कई बार अलग-अलग शहरों में रहने लगते हैं। ऐसे में त्योहार पर मिलने की इच्छा तो होती है, लेकिन यात्रा का खर्च कभी-कभी परेशानी बन जाता है। बिहार सरकार की मुफ्त बस सेवा ऐसे परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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कुल मिलाकर, रक्षाबंधन के मौके पर 27 और 28 अगस्त को महिलाओं और छात्राओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा बिहार सरकार की एक राहत भरी पहल है। इससे बहनों के लिए भाइयों तक पहुंचना आसान और कम खर्च वाला होगा। त्योहार के दौरान परिवार से मिलने की खुशी के साथ उन्हें यात्रा के खर्च में भी राहत मिलेगी। सरकार के इस कदम से रक्षाबंधन का त्योहार कई महिलाओं और छात्राओं के लिए और भी सुविधाजनक और खुशहाल बन सकता है।





