बिहार में अवैध बालू खनन और उसकी ढुलाई पर सरकार ने अब शक्ति बढ़ाने का फैसला किया है। खान एक भूतत्व विभाग ने जप्त किए गए वाहनों को लेकर नए निर्देश जारी किया है। इसके तहत अवैध भालू ढुलाई में पकड़े गए वहां के मालिक या चालक का तय समय के अंदर जुर्माना और खनिज की कीमत से जुड़ी राशि जमा करनी होगी।
इसके लिए अधिकतम 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है अगर इस अवधि में राशि जमा नहीं की जा सकती तो वहां को राज्य साथ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और बाद में उसकी नीलामी की जाएगी।
30 दिनों के अंदर जमा करना होगा जुर्माना
विभाग के निर्देश के अनुसार अवैध बालू धुलाई के मामले में जब तुम वहां के मालिक या चालक को सामान शुल्क और खनिज मूल्य की राशि जमा करनी होगी। इसके लिए 30 दिन का समय दिया गया है इस अवधि में भुगतान नहीं करने पर संबंधित वहां के खिलाफ राज्य साथ यानी सरकारी स्वामित्व में लेने की कार्रवाई शुरू होगी।
इसके बाद सक्षम सर से आदेश मिलने पर वहां की नीलामी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त राशि के माध्यम से सरकार बकाया राशि की वसूली करेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध बालू कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।
कई जिलों में नियमों का सही पालन नहीं
खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य की विभिन्न जिलों में जप्त वाहनों और उनसे जुड़ी कार्रवाई की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि जितने वहां अवैध बालू धुलाई के मामले में जप्त किए गए हैं उनकी तुलना में राज्य साथ की कार्रवाई के लिए समाहर्ता के पास भेजे गए प्रस्तावों की संख्या काफी कम है।
विभाग में स्थिति को गंभीरता से लिया है समीक्षा में यह भी सामने आया कि कहीं जिलों में बिहार खनिज नियम बाली के नियम 56 का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा नियम के तहत यदि निर्धारित अवधि के भीतर जुर्माना और संबंधित राशि जमा नहीं होती है तो वहां को राज्य 7 की कार्रवाई के लिए आगे भेजना जरूरी है।
अधिकारियों को दिए गए शब्द निर्देश
विभाग ने सभी सहायक निर्देशकों और खनिज विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि 30 दिनों की समय सीमा खत्म होते ही संबंधित वहां के राज्य 7 और अधहरण का प्रस्ताव बना बिना देरी के समाहर्ता को भेजा जाए।
जिन मामलों में समाहर्ता के स्तर पर सुनवाई लंबित है उन्हें भी जल्दी निपटने का निर्देश दिया गया है इसके लिए जिला विधि शाखा के साथ समन्वय करने को कहा गया है।
आदेश के बाद होगी वाहनों की नीलामी
विभाग का उद्देश्य सिर्फ अवैध बालू ढुलाई पर रोक लगना ही नहीं बल्कि जप्त किए गए वाहनों से जुड़े सामान शुल्क और खनिज मूल्य की राशि की समय पर वसूली करना भी है। समरता की ओर से आदेश जारी होने के बाद जब वाहनों की नीलामी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बिहार में अवैध भारती बालू कारोबार लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती रहा है। बालू की अवैध ढुलाई में ट्रक हाईवे और दूसरी भारी वाहनों का इस्तेमाल होने की शिकायतें सामने आती रही है। ऐसे में जब तू वाहनों पर समय बाद कार्रवाई से अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर दबाव बढ़ सकता है।
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हाल के मामलों में पटना हाई कोर्ट के समय भी अवैध दिया नियमों के उल्लंघन से जुड़ी बालू ढुलाई में वाहनों की जब्ती और जमाने की मुद्दे आए हैं एक मामले में विभाग में वाहन को निर्धारित मात्रा से अधिक बालू ले जाने के आधार पर जप्त किया है और नियमों के तहत सामान शुल्क की प्रक्रिया का उल्लेख किया है।
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कुल मिलाकर बिहार सरकार को यह निर्देश अवैध बालू धुलाई के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब जब तू वहां के मालिकों को तय समय में जुर्माना और संबंधित राशि जमा करनी होगी ऐसा नहीं करने पर वहां राज्य साथ होकर नीलामी तक पहुंच सकता है।





