दिवाली पर घर की पुताई कराते समय न करें ये गलती! लेड-फ्री पेंट चुनने से लेकर बचाव तक, जानें 19 सावधानियां

दिवाली से पहले घर की सफाई और पुताई कराने का चलन है, लेकिन पेंट और पॉलिश का इस्तेमाल करते समय थोड़ी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। कुछ पेंट में लेड जैसे हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं, जबकि पेंट से निकलने वाली गंध और वाष्प आंखों, त्वचा और सांस की नलियों में परेशानी पैदा कर सकती हैं।

Palak Gupta

23 अक्टूबर 2026

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दिवाली पर घर की पुताई कराते समय न करें ये गलती! लेड-फ्री पेंट चुनने से लेकर बचाव तक, जानें 19 सावधानियां

आते ही घर की सफाई, सजावट और पुताई की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। कोई अपने घर को नया रंग देता है, तो कोई दीवारों पर पेंट करवाने के साथ दरवाजों और खिड़कियों की पॉलिश भी कराता है। लेकिन इस दौरान अक्सर लोग पेंट के रंग और कीमत पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन उसकी सुरक्षा और उससे होने वाले संभावित नुकसान को नजरअंदाज कर देते हैं।

पेंट में मौजूद कुछ रसायन और उससे निकलने वाली वाष्प आंखों में जलन, सिरदर्द, चक्कर, त्वचा में परेशानी और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकती हैं। पुराने पेंट की परतों में लेड यानी सीसा भी मौजूद हो सकता है, जो खासकर बच्चों के लिए नुकसानदेह है। इसलिए पुताई कराने से पहले सही पेंट चुनना और काम के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।

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पेंट में लेड होना क्यों खतरनाक है?

लेड एक जहरीली धातु है। शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने से दिमाग, नर्वस सिस्टम और दूसरे अंगों पर असर पड़ सकता है। छोटे बच्चों में लेड का संपर्क उनके मानसिक विकास और सीखने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। गर्भावस्था के दौरान भी लेड का संपर्क मां और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

पुराने घरों की दीवारों पर लगा पेंट अगर उखड़ रहा हो या उसे रगड़कर हटाया जा रहा हो, तो उससे निकलने वाली धूल में लेड हो सकता है। ऐसी धूल हाथों, कपड़ों और खाने-पीने की चीजों के जरिए शरीर में पहुंच सकती है। इसलिए पुरानी पेंट की परत हटाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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लेड-फ्री पेंट कैसे चुनें?

पेंट खरीदते समय केवल रंग, चमक और कीमत न देखें। पैकेट या डिब्बे पर दी गई जानकारी ध्यान से पढ़ें। ऐसा पेंट चुनें जिस पर लेड-फ्री होने का स्पष्ट उल्लेख हो और जो संबंधित सुरक्षा मानकों का पालन करता हो। जरूरत पड़ने पर निर्माता से इसकी जानकारी मांगें।

कम गंध वाले या लो-वीओसी (Low-VOC) पेंट भी एक विकल्प हो सकते हैं। वीओसी यानी वाष्पशील कार्बनिक यौगिक कुछ पेंट से निकलने वाले ऐसे रसायन हैं, जो हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर सकते हैं।

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दिवाली पर घर की पुताई कराते समय बरतें ये 19 सावधानियां

क्र.सावधानीक्या करें और क्यों जरूरी है?
1लेड-फ्री पेंट चुनेंपेंट खरीदने से पहले लेबल देखें और सुनिश्चित करें कि उत्पाद में लेड न होने की जानकारी स्पष्ट हो।
2कम वीओसी वाला पेंट चुनेंजहां संभव हो, कम वीओसी वाले पेंट को प्राथमिकता दें। इससे पेंट से निकलने वाले कुछ हानिकारक रसायनों का संपर्क कम करने में मदद मिल सकती है।
3पेंट के निर्देश पढ़ेंइस्तेमाल से पहले डिब्बे पर लिखी सावधानियां, लगाने का तरीका, सूखने का समय और सुरक्षा संबंधी निर्देश पढ़ें।
4घर में हवा का आवागमन रखेंपुताई के दौरान खिड़कियां और दरवाजे खोलें, ताकि ताजी हवा आती रहे और पेंट की वाष्प बाहर निकल सके।
5बच्चों को पुताई वाली जगह से दूर रखेंबच्चों को गीली दीवारों, पेंट के डिब्बों, ब्रश और उखड़े हुए पेंट की धूल से दूर रखें।
6गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखेंगर्भवती महिलाओं को पेंट की तेज गंध और धूल के संपर्क से बचना चाहिए। जरूरत हो तो पुताई के दौरान दूसरी जगह रहना बेहतर है।
7बुजुर्गों और सांस के मरीजों को दूर रखेंअस्थमा या सांस की अन्य समस्या वाले लोगों को पेंट की गंध और धूल से परेशानी बढ़ सकती है। उन्हें पुताई वाले कमरे से दूर रखें।
8पुताई के दौरान कमरे में न सोएंताजा पेंट किए कमरे में तब तक न सोएं, जब तक पेंट सूख न जाए और पर्याप्त हवा का आवागमन न हो जाए। उत्पाद के निर्देशों का पालन करें।
9पुराने पेंट को सावधानी से हटाएंपुरानी दीवारों की पपड़ी या पेंट को सूखा रगड़कर हटाने से धूल फैल सकती है। लेड होने की आशंका हो तो खुद से खुरचने या घिसने के बजाय प्रशिक्षित पेशेवर की मदद लें।
10काम करने वाला व्यक्ति सुरक्षा उपकरण पहनेपुताई करने वाला व्यक्ति जरूरत के अनुसार दस्ताने, आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा और उपयुक्त सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल करे।
11साधारण मास्क को हर समस्या का समाधान न मानेंकपड़े या साधारण सर्जिकल मास्क कई तरह की रासायनिक वाष्प से सुरक्षा नहीं देते। किस तरह का सुरक्षा उपकरण जरूरी है, यह पेंट और काम की प्रकृति पर निर्भर करता है।
12खाने-पीने की चीजें ढककर रखेंपुताई वाले कमरे में खुला खाना, पानी, बर्तन और बच्चों की खाने-पीने की चीजें न रखें।
13फर्श और फर्नीचर को ढकेंपुताई शुरू होने से पहले फर्नीचर और फर्श को ढक दें, ताकि उन पर पेंट की बूंदें और धूल जमा न हो।
14पेंट के डिब्बे बंद रखेंइस्तेमाल के बाद डिब्बों के ढक्कन ठीक से बंद करें। पेंट को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
15पेंट को नाली में न बहाएंबचे हुए पेंट और रसायनों को नाली या खुले स्थान पर न फेंकें। स्थानीय नियमों के अनुसार उनका सुरक्षित निपटान करें।
16पेंट की गंध छिपाने के लिए खुशबू का इस्तेमाल न करेंरूम फ्रेशनर या अगरबत्ती से गंध दबाने के बजाय ताजी हवा का इंतजाम करें। अतिरिक्त सुगंध भी कुछ लोगों में जलन या सांस की परेशानी बढ़ा सकती है।
17गीले पेंट को हाथ न लगाएंबच्चों और पालतू जानवरों को गीली दीवारों से दूर रखें। त्वचा पर पेंट लग जाए तो उत्पाद के निर्देशों के अनुसार साफ करें।
18बिजली और आग से जुड़ी सावधानी रखेंज्वलनशील सॉल्वेंट वाले पेंट के पास धूम्रपान, खुली लौ या चिंगारी से बचें। बिजली के उपकरणों और तारों के आसपास पुताई सावधानी से कराएं।
19लक्षण दिखें तो तुरंत जगह छोड़ेंपेंट की गंध से सिरदर्द, चक्कर, आंखों में तेज जलन या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत ताजी हवा में जाएं। गंभीर या लगातार लक्षण होने पर चिकित्सकीय मदद लें।

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पुताई के बाद घर में कब लौटना सुरक्षित है?

पेंट सूखने का समय उसके प्रकार, कमरे के तापमान, नमी और हवा के आवागमन पर निर्भर करता है। इसलिए सभी पेंट के लिए एक ही समय तय नहीं किया जा सकता। डिब्बे पर दिए गए निर्देशों का पालन करें और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।

सिर्फ दीवार छूने पर सूखी लगने का मतलब यह नहीं है कि पेंट से निकलने वाली सभी वाष्प खत्म हो गई हैं। पेंट की गंध बनी हुई हो तो कमरे में हवा का आवागमन बढ़ाएं और वहां लंबे समय तक रहने या सोने से बचें। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सांस की बीमारी वाले लोगों के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

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पेंट की गंध से परेशानी हो तो क्या करें?

पेंट की गंध के संपर्क में आने के बाद कुछ लोगों को सिरदर्द, आंखों या गले में जलन, मतली और चक्कर जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहले उस जगह से बाहर निकलकर ताजी हवा में जाएं। आंखों या त्वचा पर पेंट लग गया हो, तो उत्पाद के निर्देशों के अनुसार प्रभावित हिस्से को साफ करें।

अगर सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, भ्रम या गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण हल्के होने के बावजूद लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लें। दिवाली पर साफ-सुथरा और नया दिखने वाला घर हर किसी को अच्छा लगता है, लेकिन सजावट के चक्कर में परिवार की सेहत को जोखिम में डालना ठीक नहीं है।

सही पेंट चुनना, घर में हवा का आवागमन बनाए रखना और बच्चों व बुजुर्गों को पुताई वाली जगह से दूर रखना जैसी छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं।

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लेखक परिचय
Palak Gupta
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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