अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को लेकर सामने आए नए खुलासों ने अमेरिकी राजनीति और पश्चिम एशिया से जुड़े कूटनीतिक संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुशनर के आईफोन को हैक किए जाने के बाद उनकी फोन गतिविधियों पर नजर रखी गई थी।
इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और इजरायल से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन व्यवस्थाओं में अरबों डॉलर की रकम शामिल थी और इनका इस्तेमाल अमेरिकी प्रशासन की विदेश नीति को प्रभावित करने के लिए किए जाने की संभावना थी। हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें किसी जांच में साबित हुआ अपराध नहीं माना जा सकता। कुशनर ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है।
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कैसे हैक हुआ कुशनर का फोन?
पत्रकार मैथ्यू कोल की आने वाली किताब Princes and Thieves के अंश पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े एक हैकर के पास कुशनर के आईफोन से जुड़े स्क्रीनशॉट मौजूद थे। बताया गया है कि नीदरलैंड की सैन्य खुफिया और सुरक्षा सेवा को इस हैकर के बारे में जानकारी मिली थी। बाद में डच अधिकारियों ने कथित तौर पर उससे हासिल जानकारी के आधार पर कुशनर के फोन की गतिविधियों को देखने का तरीका विकसित किया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2018 के दौरान डच खुफिया अधिकारियों ने कुशनर के फोन की स्क्रीन पर दिखाई देने वाली गतिविधियों को देखा। हालांकि, उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वे फोन का कैमरा या माइक्रोफोन चालू नहीं कर सकते थे, लेकिन फोन इस्तेमाल किए जाने के दौरान स्क्रीन पर दिख रही जानकारी हासिल कर सकते थे।
UAE से जुड़े खाते में 750 मिलियन डॉलर होने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, कुशनर ने संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े एक बैंक खाते में लॉग-इन किया था। बताया गया है कि यह खाता अबू धाबी स्थित फर्स्ट अबू धाबी बैंक में वाटानी अल इमारात फाउंडेशन नाम की संस्था के नाम पर था। इस संस्था को UAE सरकार से जुड़ा बताया गया है।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अजरबैजान के एक बैंक से इस खाते में करीब 750 मिलियन डॉलर यानी लगभग 75 करोड़ डॉलर स्थानांतरित किए गए थे। भारतीय मुद्रा में यह रकम विनिमय दर के आधार पर करीब 6,000 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुशनर इस खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल थे, लेकिन खाते के मालिक नहीं थे।
इस खाते की निगरानी UAE के वरिष्ठ अधिकारी तह्नून बिन जायेद से जुड़ी बताई गई है। वह UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद के भाई हैं और देश के वित्तीय तथा सुरक्षा तंत्र में प्रभावशाली भूमिका रखते हैं।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इस खाते को एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था के हिस्से के तौर पर तैयार किया गया था, जिसके जरिए क्षेत्रीय और अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े उद्देश्यों को समर्थन दिया जा सकता था।
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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और इजरायल से जुड़े दूसरे खाते का दावा
रिपोर्ट में एक अन्य बैंक खाते का भी जिक्र है, जिसमें करीब एक अरब डॉलर होने का दावा किया गया है। यह रकम सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से जुड़ी कथित वित्तीय व्यवस्था के तहत स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नाम भी इस कथित योजना के संदर्भ में सामने आए हैं।
दावे के मुताबिक, इन नेताओं के बीच ऐसी वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा हुई थी, जिसका उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति को प्रभावित करना हो सकता था। जेरेड कुशनर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में लगाए गए दावे झूठे हैं और उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया।
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कुशनर ट्रंप के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार रहे थे। उस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया से जुड़े कई कूटनीतिक मामलों में भूमिका निभाई थी। सऊदी अरब, UAE और इजरायल के नेताओं के साथ उनके संपर्क अमेरिकी प्रशासन की क्षेत्रीय नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते थे। इसी वजह से उनके फोन की कथित निगरानी और विदेशी वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़े आरोपों ने हितों के टकराव को लेकर बहस तेज कर दी है।





